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Jaipur : जेकेके में पाक्षिक नाट्य योजना के तहत हुआ मंचन

जयपुर : जवाहर कला केंद्र की पाक्षिक नाट्य योजना के तहत केंद्र के रंगायन सभागार में शुक्रवार को नाटक ‘चाँदनी रात का एक दुखान्त’ का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन एवं लेखन राजीव मिश्रा द्वारा किया गया। नाटक रवीन्द्र नाथ ठाकुर की कहानी ‘अंतिम रात’ से प्रेरित है।

नाटक का मुख्य पात्र यतिन एक गंभीर रोग से पीड़ित है तथा मृत्यु के निकट है। यतिन के मां बाप का स्वर्गवास हो जाने के बाद उसकी मौसी ने ही उसकी देखभाल की है। यतिन की स्वच्छन्द स्वभाव पत्नी ‘मणि’ उम्र में उससे छोटी है। बचपन से गुजर रही मणि को थिएटर का शौक है, वह अपने दोस्तों के साथ हंसना बोलना पसंद करती है। वहीं, यतिन के प्रति उसका मन ना के बराबर है। यतिन के प्रति मणि के व्यहार से मौसी बहुत दुखी रहती है।

यतिन अपने जीवन के आखिरी पलों में मणि का साथ चाहता है, परन्तु उसे नहीं पता होता है कि मणि अपने मायके जा चुकी है। इस बात को मौसी किसी तरह यतिन से छुपाने की कोशिश में लगी रहती है। यतिन को इस बात का पता न चले इसके लिए हर संभव प्रयास करती है व मणि को लेने उसके मायके तक चली जाती हैं। सम्पूर्ण नाटक व्यक्तिगत भावनाओं और सम्बन्धो के अति सूक्ष्म पलों को प्रदर्शित करता है। सृष्टि गांधी, महेश महावर, रीचा पालीवाल, अंजलि शर्मा, संदीप कुमार स्वामी, सुमित निठारवाल, निधि सिंह, सिद्धि पालीवाल, ओम प्रकाश सैनी ने मंच पर विभिन्न किरदारों को साकार किया।

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