जयपुर : केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूरे विश्व की नजरें भारत पर टिकी हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भविष्य का भारत एक उज्ज्वल और विकसित भारत है। इसमें गरीबी नहीं होगी। भारत के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने जो नींव रखी है, उस पर तेज गति से विकास हो रहा है। भारत विश्व की अर्थव्यवस्था को बल और संबल देगा। भारत अहम मुद्दे में एक बुलंद आवाज बनकर कम विकसित-विकासशील और विकसित देशों के बीच समन्वय बिठाने का काम करेगा। भारत विश्व शक्ति बनेगा और एक बार फिर सोने की चिड़िया के रूप में विश्व में पहचाना जाएगा।
केन्द्रीय मंत्री गोयल जी-20 व्यापार एवं निवेश मंत्रालयी बैठक से पहले बुधवार को पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विश्व को एक नई सोच दी है। इस नई सोच के साथ जी-20 की भारत के 60 शहरों में 200 से ज्यादा बैठकें हुई हैं, ऐसा विश्व के किसी देश में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत में आगामी 8-9 सितंबर को वर्ल्ड लीडर समिट होने जा रही है। इस पर भी पूरे विश्व की निगाहें टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि जी-20 के सदस्यों को उद्योगों, एमएसएमई एवं वैश्विक व्यापार के प्रोत्साहन के लिए ‘जयपुर कार्य योजना’ पर सहमति बनने का इंतजार है। हम सदस्य देशों के बीच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनाने में सफल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगले दो दिनों में हम एक ऐसे एजेंडा के साथ सामने आ पाएंगे जिसे अमल में लाया जा सके। इससे दुनिया को किसी भी भावी संकटों का सामना करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जयपुर कार्य योजना से उद्योग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और वैश्विक व्यापार में सुधार होगा। इससे एमएसएमई को अपने कारोबार एवं व्यापार का विस्तार करने में भी मदद मिलेगी।
केन्द्रीय मंत्री गोयल ने जी-20 समूह की बैठक के बारे जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित देशों के अधिकारी प्राथमिकता वाले बिंदुओं पर आम सहमति बनाने और एक दस्तावेज तैयार करने की कोशिश में लगे रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत व्यापार और निवेश मंत्रालयी बैठक जयपुर में 24 और 25 अगस्त को आयोजित की जाएगी। जयपुर जी-20 सदस्यों के व्यापार और निवेश मंत्रियों, आमंत्रित देशों और विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों की मेजबानी करेगा। बैठक में शामिल होने के लिए विभिन्न देशों के प्रतिनिधि जयपुर पहुंचना शुरू हो गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन को आधुनिक बनाना भारत की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जयपुर में जी-20 की बैठक में पांच मुख्य प्राथमिकताएं है। पहली यह कि देशों में व्यापार की ग्रोथ के लिए आयात-निर्यात कैसे बढ़ें। दूसरा यह कि ग्लोबल सप्लाई चैन कैसे मजबूत हो। तीसरा यह की लघु और सूक्ष्म उद्योग कैसे आगे बढ़े। चौथा यह कि व्यापार के लिए लॉजस्टिग कैसे मजूबत हो। पांचवां यह कि विश्व व्यापार संगठन में कैसे रिफॉर्म हो। पहली तीन टीआईडब्ल्यूजी बैठकें क्रमशः मुंबई, बेंगलूरु एवं केवाडिया में आयोजित की गई थीं।
गोयल ने बुधवार को बैठक में शिरकत करने के लिए पहुंचे विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो आइवेला के साथ एक द्विपक्षीय बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने विश्व व्यापार संगठन में सुधार की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि विकसित एवं अल्प-विकसित देशों के लिए विकास के पैमानों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।


