
हरिद्वार : (Haridwar) उत्तराखंड के हरिद्वार जिले (Haridwar district of Uttarakhand) में मदरसों के सत्यापन के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में मदरसों के रिकॉर्ड में दर्ज संख्या के मुकाबले 11 हजार 600 बच्चे कम पाए गए हैं। जिला प्रशासन (district administration) ने संबंधित मदरसों से सरकारी धन की रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी है।
जिले में मदरसा बोर्ड से पंजीकृत 131 मदरसे संचालित हैं। रिकॉर्ड में यहां करीब 31 हजार बच्चों का पंजीकरण दिखाया गया था, जिनके लिए मिड डे मील समेत विभिन्न सरकारी सुविधाएं ली जा रही थीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) के निर्देश पर कराए गए सत्यापन में बच्चों की वास्तविक संख्या घटकर 19 हजार 400 रह गई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित (District Magistrate Mayur Dixit) ने कहा कि जिन मदरसों में बच्चों की संख्या और सरकारी सहायता के आंकड़ों में अंतर मिला है, वहां रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। सत्यापन के दौरान कई मदरसों ने संचालन बंद करने के लिए आवेदन भी दिया है।
राज्य सरकार (state government) को शिकायत मिली थी कि मदरसों में छात्रों की संख्या बढ़ाकर दिखाई जा रही है। इसके बाद प्रदेशभर में सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। सरकार ने 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड की जगह उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (Uttarakhand Minority Education Authority) लागू करने का निर्णय भी लिया है।


