
मुंबई : (Mumbai) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता रोहित पवार (Rohit Pawar, a leader of the Nationalist Congress Party) ने सीआईडी की कार्यप्रणाली और उनकी जांच की सुस्ती को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। रोहित पवार ने हाल ही में सीआईडी कार्यालय का औचक दौरा (visit to the CID office) किया और वहां की लचर स्थिति को लेकर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनके इस कड़े विरोध का मुख्य केंद्र विमान हादसे में हुई ‘अजित पवार’ की मृत्यु (death of ‘Ajit Pawar’ in a plane crash) के मामले की जांच में हो रही अत्यधिक देरी है।
4 महीने बाद भी जांच शुरुआती स्तर पर, क्या यह कोई बड़ी साजिश?
रोहित पवार ने सीआईडी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस आकस्मिक निधन को 4 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जांच अभी भी शुरुआती स्तर पर ही अटकी हुई है। उन्होंने इस मामले में एक बड़ा संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि क्या यह जांच जानबूझकर सीआईडी को इसलिए सौंपी गई थी ताकि सच्चाई कभी बाहर न आ सके? उन्होंने आशंका जताई कि यह घटना केवल एक साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश हो सकती है, जिसे छुपाने या प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
रिपोर्ट का बहाना और प्रशासनिक सुस्ती: दफ्तर से वरिष्ठ अधिकारी नदारद
जांच प्रक्रिया में आ रही बाधाओं का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने फडणवीस सरकार (Fadnavis government) और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीआईडी और एएआईबी (CID and the AAIB) (विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो) के बीच आपसी तालमेल का भारी अभाव है। एएआईबी अपनी अंतिम रिपोर्ट देने में देरी कर रही है, और सीआईडी इसी रिपोर्ट का बहाना बनाकर अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रही है। जब रोहित पवार स्वयं सीआईडी कार्यालय पहुंचे, तो वहां कोई भी जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था। उपस्थित कनिष्ठ अधिकारियों ने जो जवाब दिए, वे पूरी तरह से गोल-मोल और अतार्किक थे।
सरकारी खर्च और जवाबदेही पर उठाए सवाल
इस निष्क्रियता को देखते हुए रोहित पवार ने सरकार की वित्तीय नीतियों पर भी तीखे प्रहार किए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि संबंधित अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे हैं, तो जनता के टैक्स के पैसे से उनके वेतन और कार्यालय के खर्चों का बोझ क्यों उठाया जाए? उन्होंने प्रधानमंत्री के उस आह्वान की याद दिलाई जिसमें प्रशासनिक खर्चों को कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने की बात कही गई थी। पवार ने कहा कि काम न करने वाले विभागों पर करोड़ों रुपए खर्च करना जनता के पैसे की खुली बर्बादी है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान रोहित पवार ने सीआईडी कार्यालय को प्रतीकात्मक रूप से एक ताला दिखाया। उन्होंने अधिकारियों और सरकार को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि यह ताला आज केवल एक चेतावनी के रूप में है। यदि अगली बार उनके दौरे तक इस संवेदनशील मामले की जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं दिखाई दी, तो वे प्रधानमंत्री के खर्च कम करने के सिद्धांत का पालन करते हुए वास्तव में सीआईडी कार्यालय में ताला ठोक देंगे।


