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Gurugram : द्वारका एक्सप्रेस-वे का हरियाणा क्षेत्र में 99 फीसदी तक निर्माण पूरा

डीसी ने किया द्वारका एक्स्प्रेस-वे का निरीक्षण

एनएच-48 से बजघेड़ा तक अंतिम चरण में जारी कार्यों का लिया जायजा

गुरुग्राम : गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेस-वे का हरियाणा के हिस्से में 99 फीसदी तक काम पूरा हो गया है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के निकट शिवमूॢत से द्वारका के रास्ते खेड़की दौला टोल के समीप पहुंचने वाले 29 किलोमीटर लंबाई वाले द्वारका एक्सप्रेस वे का हरियाणा क्षेत्र वाले हिस्से (18.9 किमी) का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जिसके चलते गुरुग्राम में आबादी के एक बड़े वर्ग को नई दिल्ली तक आवागमन के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा।

ह देश का पहला एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेस वे होगा। मंगलवार को डीसी निशांत कुमार यादव ने खेड़की दौला के निकट एक्सप्रेस-वे के क्लोवरलीफ से बजघेड़ा तक निर्माणाधीन सड़क परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने जीएमडीए व एनएचएआई के अधिकारियों के साथ एक्सप्रेस वे को लेकर स्थानीय लोगों की विभिन्न मांगों को लेकर भी चर्चा की। साथ ही एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जुड़े जिला प्रशासन के विषयों पर विस्तार से विमर्श भी किया। एनएचएआई के अधिकारियों ने डीसी को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन की अधिकतर मांगों को प्रोजेक्ट चालू होने से पहले शामिल कर लिया जाएगा। एक्सेस कंट्रोल अर्बन एक्सप्रेस-वे को आठ लेन बनाया गया है। यातायात की सुगमता के लिए तीन लेन की सर्विस रोड का भी प्रावधान किया गया है। निशांत कुमार यादव ने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से न केवल गुुरुग्राम, बल्कि एनसीआर क्षेत्र में सड़कों के ढांचागत तंत्र में एक बड़ी उपलब्धि शामिल होगी।

चार हिस्सों में किया गया एक्सप्रेस-वे का निर्माण

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर निर्माण के जंभूलकर ने डीसी को बताया कि इस सड़क के निर्माण पर करीब 9000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत है। एक्सप्रेस-वे को चार हिस्सों में बांटकर निर्माण किया है,जिनमें दिल्ली क्षेत्र के 10.01 किमी क्षेत्र में दो तथा हरियाणा क्षेत्र में 18.9 किमी क्षेत्र को भी दो क्षेत्रों में रखा गया है। हरियाणा क्षेत्र के दोनों क्षेत्रों में निर्माण कार्य 93.2 व 99.25 फीसदी तक पूरा हो चुका है। पूरी उम्मीद है यह दोनों क्षेत्र जुलाई माह तक चालू हो जाएंगे। वहीं दिल्ली क्षेत्र का कार्य वर्ष 2024 में पूरा होगा।

देश में पहली बार 12 हजार वृक्ष किए ट्रांसप्लांट

एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान राह में आने वाले 12 हजार वृक्षों का ट्रांसप्लांट किया गया, जोकि भारत में इतने बड़े स्तर पर पहली बार हुआ है। इस एक्सप्रेस-वे पर यातायात की सुगमता व सफर करने वालों की सुरक्षा के लिए आईटीएस, एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, टोल मैनेजमेंट सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, सर्विलांस आदि अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल भी किया जाएगा।

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