spot_img

Greater Noida : महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खुद ही लड़ना होगा: मेधा रूपम

ग्रेटर नोएडा : महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खुद ही लड़ना होगा। महिलाओं को खुद से जुड़े निर्णय करने का अधिकार किसी और को नहीं देना चाहिए। यह बात ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ मेधा रूपम ने कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न के प्रति अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यशाला में कही।

कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम के अंतर्गत अधिकारियों व कर्मचारियों को जागरूक और संवेदनशील बनाने के लिए गठित समिति की तरफ से कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सभागार में किया गया। इसमें हृयूमन टच फाउंडेशन की प्रतिनिधि डॉ. उपासना सिंह ने अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनाने के लिए जानकारी दी गई।

एसीईओ मेधा रूपम ने लड़के-लड़की में हो रहे भेदभाव पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शादी का मतलब लड़कियों का अपने घर से दूसरों के घर जाना नहीं है, बल्कि ये दो परिवारों का मिलन होता है। इसलिए शादी के बाद भी एक लड़की अपने माता-पिता का ख्याल रख सकती है। इसके लिए बेटा होना ही जरूरी नहीं है। बहू और बेटी में फर्क को भी खत्म करना होगा। लड़का-लड़की में भेदभाव को खत्म करने की शुरुआत घर से करनी होगी। एक लड़की को भी सभी तरह के गेम में हिस्सा लेने की छूट होनी चाहिए।

एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए कोई सीमा तय नहीं की जानी चाहिए। उन्हें भी पूरा अवसर मिलना चाहिए। इस कार्यशाला में प्राधिकरण की आंतरिक परिवाद समिति की अध्यक्षा अर्चना द्विवेदी, सदस्य रश्मि सिंह, ओएसडी सतीश कुशवाहा, ओएसडी जितेन्द्र गौतम, वरिष्ठ प्रबंधक राजेष कुमार, प्रबंधक केएम चौधरी और प्राधिकरण के तमाम अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

Mumbai : अनुपम खेर ने इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर शेयर किए अनुभव

मुंबई : (Mumbai) दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर (Veteran actor Anupam Kher) ने सोशल मीडिया पर बढ़ते ट्रोल कल्चर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने...

Explore our articles