
नई दिल्ली : (New Delhi) कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) को सवालों के कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार महंगाई कम करने के बजाय जनता की परेशानियां लगातार बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री महंगाई और आर्थिक संकट के लिए वैश्विक युद्धों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जबकि देश की अर्थव्यवस्था पहले से कमजोर स्थिति में थी।
कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष और मीडिया, सत्ता को सच्चाई दिखाने का काम करते हैं लेकिन मोदी सरकार आलोचना से डरती है। खेड़ा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 38 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 62 प्रतिशत वृद्धि हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (former Prime Minister Manmohan Singh) के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम नियंत्रित रखे गए थे। वहीं, मौजूदा सरकार के दौरान कच्चे तेल की कीमत कम होने के बावजूद पेट्रोल लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है।
खेड़ा ने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर (cooking gas cylinders) की कीमत भी वर्ष 2014 की तुलना में दोगुने से अधिक स्तर तक पहुंच चुकी है। पहले 414 रुपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलेंडर अब 915 रुपये तक पहुंच गया है।
पवन खेड़ा ने कहा कि महंगाई का असर आम उपभोक्ताओं पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। दूध, ब्रेड और बाहर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें बढ़ चुकी हैं तथा व्यावसायिक गैस सिलेंडर (commercial gas cylinders) भी ऊंचे दामों पर बिक रहे हैं। उन्होंने रुपये की गिरती कीमत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारतीय मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है।


