रत्नाबांधा-मुजगहन मार्ग के पास होती है अव्यवस्था
बरसाती पानी से शहर का आधा हिस्सा जलमग्न हो सकता है
धमतरी : वर्षा के जल के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र को कुछ लोगों ने पाट दिया था। शिकायत पर प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीन से मिटटी को हटाया गया।
रत्नाबांधा में बारहमासी पानी निकासी के नाले को पाटने से बारिश का पानी खेतों में ही भर गया है। जिससे किसानों का थरहा सड़ने की स्थिति में है। किसानों की शिकायत के बाद जमीन मालिक चैन माउंटेन मशीन लेकर पानी निकासी में लगे रहे। रत्नाबांधा और मुजगहन खार के बीच में एक बड़ा बारहमासी नाला है। जहां से शहर का पानी आगे बढ़ता है। लेकिन राजनीतिक दल से जुड़े नेता ने इस जमीन को औने- पोने दाम में खरीदकर दूसरे व्यापारी को बेच दिया। व्यापारी ने नाले को कई ट्रक मुरूम, मिट्टी डालकर समतल मैदान बना दिया। पिछले दिनों किसानों और निगम के जनप्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत की थी। शिकायत पर टीम जेसीबी लेकर मिट्टी हटाने पहुंची। तीन दिनों पहले जब तेज वर्षा हुई तब इसी प्लाट के पीछे स्थित किसानों के खेत में पानी भर गया। जबकि किसान हजारों रुपये के बीज खरीदकर थरहा डाल चुके हैं, जो अब पानी निकासी के अभाव में सड़ने की स्थिति में पहुंच रही है। निगम सभापति अनुराग मसीह ने स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान रत्नाबांधा के उपसरपंच प्रकाश यादव भी मौजूद थे। प्रकाश यादव ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों के लिए भी 40 हजार का बीज रोपा डाला गया है, जो पानी निकासी के अभाव में सड़ रहा है। निगम सभापति के जायजा लेने के दौरान जमीन बेचने वाले नेता भी मौके पर पहुंचे जिन्होंने दलील देने की कोशिश की कि नाली को पाटने से पानी दूसरे क्षेत्र से बहकर आगे बढ़ सकता है। जबकि किसानों और सभापति का कहना है कि प्राकृतिक प्रभाव क्षेत्र में ही पानी बहेगा। नाली को पाटने से पूरा खार तालाब के रूप में तब्दील हो गया है। अगर पानी की निकासी नहीं हो पाई तो किसान धान की बुआई नहीं कर पायेंगे। किसानों ने कहा कि पानी निकासी व्यवस्था नहीं हो पाई तो कलेक्टोरेट में जाकर प्रदर्शन भी करेंगे। ग्रामीण अब वर्षा होने पर अब बेहतर ढंग से निकासी होने की उम्मीद जता रहे हैं।


