बीकानेर : अनंग देसाई, ड्रामा का ऐसा आर्टिस्ट जिसने यूं तो खूब प्ले किए। ‘गांधी‘ जैसी गंभीर फिल्म में जे.बी.कृपलानी की भूमिका से फिल्मों में प्रवेश किया लेकिन उसे अब तक की सबसे बड़ी कोई पहचान मिली है तो वह है-‘बाबूजी‘। टीवी सीरियल खिचड़ी वाले ‘बाबूजी‘। उस परिवार के मुखिया बाबूजी जो अपनी अहमकाना हरकतों को इस कदर पात्रानुसार निभाते हैं कि दर्शकों का हंस-हंसकर बुरा हाल हो जाता है। एक समय में सबसे ज्यादा देखे गए इस सीरियल की लोकप्रियता का अनुमान इसी से लगा सकते हैं कि इसकी मूवी भी बनी और वह भी काफी सराही गई।
वही खिचड़ी वाले बाबूजी यानी अनंग देसाई सोमवार को बीकानेर आए। यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए देसाई से बीकानेर के रंगकर्मियों से मुलाकात में अपने अनुभव साझा किए। उनके रंगकर्म की जानकारी ली। खुलकर मिले। बातचीत में बिलकुल भी स्टारडम का अहसास करवाए बगैर सहज रहे देसाई। देसाई से मिलने वालों में वरिष्ठ रंगकर्मी प्रदीप भटनागर, सुरेश हिन्दुस्तानी, रामसहाय हर्ष, अशोक जोशी, इकबाल हुसैन, रमेश शर्मा आदि शामिल रहे।
अनंग देसाई मूल रूप से ड्रामा आर्टिस्ट हैं और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा यानी एनएसडी के फैलो रहे हैं। अनुपम खेर और देसाई एक साथ रहे। रूम पार्टनर भी रहे। हालांकि देसाई को खूब काम मिला लेकिन सबसे बड़ी पहचान टीवी सीरियल खिचड़ी से मिली। वर्ष 1982 में बनी अंग्रेजी फिल्म ‘गांधी‘ में जे.बी.कृपलानी के रोल के साथ देसाई का फिल्मों में डेब्यू माना जाता है। स्वाधीनता, देश से जुड़े मुद्दे पर बनी कई फिल्मों-सीरियल्स में इन्होंने काम किया। इनमें ‘भारत एक खोज‘ भी शामिल हैं। अंतहीन, न्यू देहली टाइम्स, फलक, परिंदा, क्रोध, जुर्म, आशिकी, सूरज का सातवां घोड़ा, अंगार, जुनून, लुटेरे, गुमराह, एक विवाह ऐसा भी, खिचड़ी द मूवी, टेक इट इजी, आजम आदि शामिल है। हिन्दी, अंग्रेजी, गुजराती आदि फिल्म-सीरियल में भी उन्होंने काम किया।


