
काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल की आन्तरिक उड़ान संचालन कर रही निजी विमान सेवा (Private airlines operating domestic flights in Nepal) कंपनियों ने कहा है कि हवाई ईंधन की कीमत में अत्यधिक वृद्धि होने के कारण उनकी सेवाएँ बंद होने की स्थिति में पहुँच गई हैं।
विमान सेवा संचालक संघ ने संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री गणेश पौडेल (Ganesh Paudel, the Minister for Culture, Tourism, and Civil Aviation) को पत्र लिखकर विमान सेवा कंपनियों के लिए राहत और विशेष सहूलियत की मांग की है। संघ द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोरोना महामारी, 8-9 सितंबर को हुए जेन-जी आंदोलन तथा वर्तमान में पश्चिम एशिया (COVID-19 pandemic, the ‘Gen-Z’ movement that took place on September 8–9, and the ongoing conflict in West Asia) में जारी युद्ध के कारण हवाई ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि ईंधन मूल्य बढ़ने के साथ सदस्य विमान सेवा कंपनियों का उड़ान खर्च भी अत्यधिक बढ़ गया है और नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी गिरावट आई आई है। इन परिस्थितियों के कारण कंपनियां प्रतिदिन गंभीर आर्थिक संकट झेल रही हैं और सेवा संचालन बंद करने की नौबत आ गई है। कंपनियों के अनुसार, संचालन खर्च में ईंधन का हिस्सा अब 55 से 60 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जबकि व्यापार में भारी गिरावट आई है।
विमान सेवा कंपनियों ने सिविल एविएशन ऑथोरिटी (Civil Aviation Authority) द्वारा लिए जाने वाले विभिन्न शुल्कों- जैसे लैंडिंग, पार्किंग, नेविगेशन, हाउजिंग और किराया शुल्क में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए 50 प्रतिशत तक छूट देने की मांग की है। इसके अलावा, कंपनियों ने विमानस्थल सेवा शुल्क नियमावली में संशोधन कर शुल्क दर घटाने की भी मांग की है।
वायुसेवा कंपनियों ने यह भी मांग की है कि उन्हें विशेष उद्योग का दर्जा देकर आयकर कानून के तहत 20 प्रतिशत कर छूट प्रदान की जाए। साथ ही, कंपनियों ने कहा है कि वर्तमान में सिविल एविएशन ऑथोरिटी द्वारा अमेरिकी डॉलर में शुल्क वसूल रहा है इसलिए इन शुल्कों को नेपाली रुपये में निर्धारित किया जाना चाहिए।


