Objection to calling him gangster, terrorist
अहमदाबाद : अहमदाबाद के एनआईए की विशेष अदालत में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई के वकील ने बिश्नोई को गैंगेस्टर या आतंकी कहने पर आपत्ति जताई है। साथ ही इस संबंध में याचिका दायर कर पुलिस रिकॉर्ड और कोर्ट में गैंगेस्टर या आतंकी शब्द नहीं इस्तेमाल करने की मांग की है। सरकारी वकील ने इस संबंध में जवाब देने के लिए 3 दिन यानी 25 सितम्बर तक के समय की मांग की है। दूसरी ओर गुरुवार को वकील को लॉरेंस से जेल में नहीं मिलने देने को लेकर भी याचिका में मांग की गई है।
लॉरेंस बिश्नोई के वकील की ओर से कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की गई है कि कोर्ट और पुलिस रिकॉर्ड में उसके नाम के साथ गैंगेस्टर या टेररिस्ट शब्द नहीं इस्तेमाल किया जाए। उसके विरुद्ध एक भी केस पूरा नहीं हुआ है। वह एक विद्यार्थी नेता है और पिछले 10 साल से जेल में बंद है। वह जेल में अकेला ही रहता है। उसका कोई गैंग भी नहीं है।
लॉरेंस की याचिका पर जवाब देने के लिए शुक्रवार को एनआईए कोर्ट में सरकारी वकील ने 3 दिनों यानी 25 सितम्बर तक समय मांगी है। इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई के वकील आनंद ब्रह्मभट्ट ने कोर्ट के समक्ष लॉरेंस की ओर से मांग करने के लिए जांच संबंधी कागजात की मांग की। जानकारी के अनुसार एक दिन पूर्व गुरुवार को लॉरेंस का वकील उनसे मिलने साबरमती जेल गए थे, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें लॉरेंस से नहीं मिलने दिया। इस वजह से लॉरेंस के वकील ने कोर्ट कस्टडी में लॉरेंस से मिलने देने की मांग की है।
लॉरेंस के वकील आनंद ब्रह्मभट्ट ने बताया कि लॉरेंस अहमदाबाद जेल में बंद है। यह किस तरह संभव है?लॉरेंस के नाम से सोशल मीडिया में 150 से अधिक अकाउंट है। यदि वास्तव में ऐसा हुआ है तो जेल अथॉरिटी के विरुद्ध गंभीर सवाल खड़ा होता है।


