
मुंबई : (Mumbai) निर्देशक सुरेश त्रिवेणी (Director Suresh Triveni) ने अपनी हालिया फिल्म ‘मां बहन’ (‘Maa Behen’) को लेकर दर्शकों के बीच हो रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। कुछ दर्शकों ने फिल्म के कथानक और 1993 की चर्चित फिल्म ‘खलनायक’ के मशहूर गीत ‘चोली के पीछे’ (‘Choli Ke Peeche’) के बीच समानताएं बताई हैं। इस पर सुरेश ने स्पष्ट किया कि फिल्म बनाते समय उनके मन में उस गाने का कोई संदर्भ नहीं था। हालांकि, उन्होंने माना कि दर्शकों की यह व्याख्या उनके लिए चौंकाने वाली होने के साथ-साथ भावुक कर देने वाली भी रही।
फिल्म ‘मां बहन’ में माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) रेखा नामक महिला का किरदार निभा रही हैं, जिसे बिना आस्तीन वाला ब्लाउज पहनने पर समाज की आलोचना का सामना करना पड़ता है। कहानी में यह ब्लाउज सिर्फ एक परिधान नहीं, बल्कि सामाजिक बंधनों और रूढ़िवादी सोच के खिलाफ एक शांत लेकिन मजबूत प्रतिरोध का प्रतीक बनकर उभरता है। फिल्म महिलाओं की पसंद, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान जैसे विषयों को केंद्र में रखती है।
सुरेश त्रिवेणी (Suresh Triveni) ने बताया कि फिल्म में इस संवेदनशील विषय को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का श्रेय लेखिका पूजा थुलानी को जाता है। उन्होंने कहा कि जहां ‘खलनायक’ में ‘चोली’ को मुख्य रूप से अलग नजरिए से देखा गया था, वहीं ‘मां बहन’ में ब्लाउज महिलाओं की आजादी और उनके अधिकारों पर संवाद शुरू करने का माध्यम बनता है। 5 जून को रिलीज हुई इस फिल्म में माधुरी दीक्षित के साथ तृप्ति डिमरी और धरना दुर्गा भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रही हैं।


