
नवी मुंबई : (Navi Mumbai) मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति (एपीएमसी) (Mumbai Agricultural Produce Market Committee) के पिछले पांच वर्षों के कार्यों और वित्तीय लेन-देन की विशेष जांच के आदेश दिए गए हैं। विपणन संचालक शरद जरे ने (Marketing Director Sharad Jare) इस संबंध में विभागीय सहनिबंधक एस. एम. पाटील (Divisional Joint Registrar S. M. Patil) के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। समिति को दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दायरे में वर्ष 2021-22 से 31 जुलाई 2025 तक के सभी कार्यों और लेखा अभिलेखों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही समय पर लेखापरीक्षण पूरा न होने, दोष सुधार रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन की भूमिका की भी जांच होगी।
आय में गिरावट के कारणों की तलाश
विशेष जांच दल बाजार समिति की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने के कारणों का भी अध्ययन करेगा। अधिकारियों का मानना है कि बड़े पैमाने पर कृषि उपज के आयात-निर्यात के बावजूद समिति में स्वतंत्र आयात-निर्यात प्रकोष्ठ स्थापित नहीं किया गया, जिससे संभावित राजस्व वृद्धि प्रभावित हुई हो सकती है। जांच में इस पहलू की भी समीक्षा की जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेशों के पालन की होगी जांच
जांच टीम वर्ष 2015 में बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) द्वारा बाजार समिति परिसर में खुदरा बिक्री व्यवसाय बंद करने संबंधी दिए गए निर्देशों के पालन की स्थिति की भी जांच करेगी। यह देखा जाएगा कि अदालत के आदेशों का पूर्ण पालन क्यों नहीं किया गया।
लाइसेंस वितरण और सेवा शुल्क पर फोकस
बाजार समिति परिसर में कुछ दुकानों पर एक से अधिक व्यक्तियों को लाइसेंस जारी किए जाने, व्यापारी संगठनों की सिफारिश पर विकास चरण-2 और मसाला मार्केट (‘Development Phase-2’ and the ‘Masala Market’) में लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया की भी जांच होगी। इसके अलावा सेवा शुल्क वसूली में कथित अनियमितताओं और लाइसेंस वितरण से जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की जाएगी।
20 महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी विस्तृत पड़ताल
विशेष जांच के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध निर्माण, अतिक्रमण, आय में गिरावट, लाइसेंस प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली समेत 20 महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में बाजार समिति के कामकाज को लेकर सरकार के पास कई शिकायतें पहुंची थीं, जिन पर अब व्यापक स्तर पर जांच शुरू की गई है।
दो महीने में आएगी रिपोर्ट
जांच समिति वर्ष 2021-22 से जुलाई 2025 तक के वित्तीय रिकॉर्ड, लेखापरीक्षण संबंधी त्रुटियों, आयात-निर्यात आंकड़ों, लाइसेंस वितरण प्रक्रिया और राजस्व वसूली की स्थिति का गहन अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


