
नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में आज एक जनहित याचिका दायर की गई। इसमें एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और नोएडा स्थित एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी से जुड़े कथित बैंकिंग घोटाले (public sector banks, and a Noida-based infrastructure company) की न्यायालय की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में केंद्र सरकार (Central Government) को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति का गठन करे। इस समिति में भारतीय रिजर्व बैंक, (Reserve Bank of India) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो (Securities and Exchange Board of India (SEBI), the Serious Fraud Investigation Office (SFIO), the Enforcement Directorate (ED), and the Central Bureau of Investigation (CBI) के अधिकारियों को शामिल किया जाए। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों की मदद से बड़े पैमाने पर कॉरपोरेट और बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। वैकल्पिक मांग के रूप में याचिका में ईडी, एसएफआईओ और सीबीआई को जांच का निर्देश देने की भी मांग की गई है। यह मांग अर्न्स्ट एंड यंग की फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के आधार पर की गई है।


