
उत्तर 24 परगना : (North 24 Parganas) पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में वर्ष 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) की टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस की दो महिला नेताओं को गिरफ्तार किया है। दोनों नेताओं को गिरफ्तार तृणमूल नेता शेख शाहजहां (Trinamool leader, Sheikh Shahjahan) का करीबी माना जाता है।
गिरफ्तार नेताओं में संदेशखाली-1 पंचायत समिति की अध्यक्ष और बसिरहाट संगठनात्मक जिला तृणमूल अध्यक्ष सबिता राय तथा प्रभावशाली तृणमूल नेता मिथु सरदार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, 5 जनवरी 2024 को संदेशखाली के सरबेरिया इलाके में शेख शाहजहां के घर के सामने ईडी अधिकारियों और केंद्रीय बलों पर हुए हमले के पीछे इन दोनों नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
जांचकर्ताओं का मानना है कि ईडी अधिकारियों और केंद्रीय बल के जवानों पर लाठी तथा धारदार हथियारों से हमला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार नेताओं के खिलाफ आरोप केवल ईडी टीम (ED team) पर हमले तक सीमित नहीं हैं।
पुलिस का कहना है कि मिथु सरदार पर वर्ष 2021 के चुनाव बाद हिंसा से जुड़े कई गंभीर आरोप भी हैं। उन पर विपक्षी कार्यकर्ताओं पर अत्याचार, घरों में तोड़फोड़ और चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद इलाके में दहशत फैलाने के आरोप पहले भी लग चुके हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों नेता लंबे समय से शेख शाहजहां के संरक्षण में इलाके में समानांतर सत्ता चला रही थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपितों को बसिरहाट अदालत में पेश किया जाएगा और पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2021 की चुनाव बाद हिंसा से लेकर 2024 में केंद्रीय एजेंसियों पर हुए हमले तक हर मामले में इन दोनों की सक्रिय भूमिका रही है।
उल्लेखनीय है कि, 5 जनवरी 2024 को राशन घोटाले की जांच के सिलसिले में ईडी की टीम संदेशखाली ब्लॉक-1 के अगरहाटी इलाके में पहुंची थी। जांच का केंद्र शेख शाहजहां था, जो उत्तर 24 परगना जिला परिषद (North 24 Parganas Zilla Parishad) का कार्यकारी अधिकारी और तृणमूल का प्रभावशाली नेता माना जाता था।
आरोप है कि शाहजहां के समर्थकों ने ईडी टीम पर हमला कर अधिकारियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद फरवरी 2024 में इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें ग्रामीणों ने शेख शाहजहां और उसके सहयोगियों पर जमीन कब्जाने तथा महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
ईडी टीम पर हमले के बाद 55 दिनों तक फरार रहने के बाद शेख शाहजहां को 29 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था। ईडी उसकी राशन घोटाले (ration scam) में कथित संलिप्तता की जांच कर रही थी और उसके घर पर छापेमारी के लिए पहुंची थी, तभी टीम पर हमला किया गया था।


