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New Delhi : संजय कपूर संपत्ति विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड मीटिंग के एजेंडा पर रोक लगाई

New Delhi: Sanjay Kapoor Property Dispute — Supreme Court Stays Agenda of Board Meeting

नई दिल्ली : (New Delhi) उच्चतम न्यायालय ने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर (late industrialist Sanjay Kapoor) की 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति विवाद पर सुनवाई करते हुए 18 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति और बैंक के कामकाज के लिए अधिकृत व्यक्तियों में बदलाव करने संबंधी एजेंडा पर रोक लगाने का आदेश दिया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला (Justice J.B. Pardiwala) की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश संजय कपूर की मां रानी कपूर की अर्जी पर दिया।

कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जब तक मध्यस्थता चल रही है तब तक सभी पक्षकार किसी विवाद को बढ़ावा नहीं दें। रानी कपूर (Rani Kapoor) ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल कर इस मामले की मध्यस्थता प्रक्रिया होने तक प्रिया कपूर और दूसरे लोगों को आरके फैमिली ट्रस्ट के कामकाज में दखल देने से रोकने की मांग की थी। रानी कपूर ने अपनी नई अर्जी में आरके फैमिली ट्रस्ट की 18 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर भी रोक लगाने की मांग की थी। ये मीटिंग रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Raghuvanshi Investments Pvt. Ltd) के नोटिस पर बुलाई गई थी, जिसका विवादित संपत्ति के एक बड़े हिस्से पर कब्जा बताया जाता है। रानी कपूर की अर्जी में कहा गया था कि इस मीटिंग का मुख्य मकसद बोर्ड में अपनी पसंद के नये डायरेक्टर को नियुक्त करना है।

उच्चतम न्यायालय 7 मई को रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच सोना ग्रुप पारिवारिक ट्रस्ट को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया।

संजय कपूर की मां रानी कपूर (Sanjay Kapoor’s mother, Rani Kapoor) ने पारिवारिक ट्रस्ट आरके फैमिली ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। रानी कपूर ने अपनी याचिका में कहा है कि आरके फैमिली ट्रस्ट के गठन और उसके प्रबंधन की परिस्थितियां सवालों के घेरे में हैं।

याचिका में कहा गया है कि आरके फैमिली ट्रस्ट (RK Family Trust) का गठन बिना याचिकाकर्ता की जानकारी या सहमति के किया गया। इसी वजह से याचिकाकर्ता को ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। ट्रस्ट की सारी संपत्ति उनकी थी लेकिन ट्रस्ट का गठन करते समय उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। ट्रस्ट के गठन के समय उन्हें हार्ट का स्ट्रोक आया था जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब थी। रानी कपूर ने कहा है कि ट्रस्ट के कागजात पर हस्ताक्षर बिना उसका कंटेंट जाने करा लिया गया। कुछ सादे कागजों पर उनके हस्ताक्षर ले लिए गए।

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