
मुंबई : (Mumbai) मुंबई की भीड़भाड़ और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus) जैसे व्यस्त इलाके में अपनों से बिछड़ना किसी भी परिवार के लिए दुःस्वप्न जैसा होता है। औरंगाबाद से आए एक परिवार के साथ भी ऐसा ही हुआ, लेकिन मुंबई पुलिस की संवेदनशीलता और ASI चेतना औतगाडे (ASI Chetana Autgade) की सतर्कता ने महज चंद घंटों में इस अनहोनी को सुखद अंत में बदल दिया। सुबह के वक्त, जब CSMT सब-वे यात्रियों की भारी भीड़ से भरा था, सहायक उप-निरीक्षक चेतना औतगाडे की नज़र एक डरी हुई और रोती हुई 8 साल की बच्ची पर पड़ी। बच्ची की पीठ पर काला बैग था और वह काफी घबराई हुई थी। ASI औतगाडे ने न केवल उसे सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया, बल्कि एक माँ की तरह उसे शांत कराकर उसका भरोसा जीता।
‘मुंबई इन मिनट्स’ जैसा सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए आजाद मैदान पुलिस स्टेशन (Azad Maidan Police Station) और पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई के कार्यालय के बीच त्वरित तालमेल बैठाया गया। मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी कृष्णदर्शन जाधव (Tourism Minister Shambhuraj Desai) ने पुलिस तंत्र के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन को गति दी, जिससे सूचना का आदान-प्रदान तेज़ हुआ। सहायक पुलिस निरीक्षक शिंदे की टीम ने रेलवे और मेट्रो परिसरों में तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। लगातार लाउडस्पीकर पर घोषणाएँ की गईं। इस व्यापक सर्च के दौरान ही पता चला कि बच्ची पहले से ही सुरक्षित पुलिस हिरासत में है।
भावुक पुनर्मिलन
बच्ची के पिता और चाचा जब उसे खोजने के लिए दर-दर भटक रहे थे, तब उन्हें आजाद मैदान थाने में अपनी लाडली के सुरक्षित होने की खबर मिली। अपनी बच्ची को सही-सलामत देखकर पिता की आँखों से आँसू छलक पड़े। परिवार ने गदगद होकर कहा कि मुंबई पुलिस की तत्परता की वजह से ही आज हमारी दुनिया उजड़ने से बच गई। इस सफल रेस्क्यू के बाद, पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने स्वयं ASI चेतना औतगाडे को फोन कर उनकी कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। साथ ही, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती (Mumbai Police Commissioner Deven Bharti) ने पूरी टीम को उनकी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए सराहा है


