
काठमांडू : (Kathmandu) संपत्ति विवरण विवाद और संदेहास्पद कारोबार के विवाद में घिरे नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरूंग (Nepal’s Home Minister, Sudan Gurung) पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। गृहमंत्री गुरूंग (Home Minister Gurung) का इस्तीफा मांगने वालों में सत्तारूढ़ दल, विपक्षी दल और जेन जी प्रदर्शन से जुड़े संगठन भी शामिल हैं।
नेपाल की सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party) (RSP) के नेताओं ने अब खुल कर सुदन गुरूंग से इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया है। पार्टी सचिवालय सदस्य और सांसद दीपक बोहरा ने कहा कि जिस पारदर्शिता और राजनीति में सुचिता का दावा हमारी पार्टी की तरफ से किया जाता है, उसे देखते हुए गृहमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
बोहरा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दूसरे नेताओं को नैतिकता का पाठ सिखाते वालों की नैतिकता आज खुद सवालों के घेरे में है। अगर सुदन गुरूंग को सचमुच नैतिकता का उदाहरण बनना है, तो उन्हें तत्काल गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए। जांच में सहयोग करना चाहिए और अपनी संपत्ति के आय स्रोत को सार्वजनिक करना चाहिए।
इसी तरह विपक्षी दल भी गुरूंग से इस्तीफा मांग रहे हैं। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पांग (Harka Sampang) ने भी गृहमंत्री सुदन गुरूंग को इस्तीफा देने का सुझाव दिया है। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर लिखा है कि जिस तरह से गुरूंग ने नैतिकता के आधार पर पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृहमंत्री रमेश लेखक (former Prime Minister KP Sharma Oli and former Home Minister Ramesh Lekhak) को गिरफ्तार किया, उसी आधार पर गुरूंग को अपने पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
जेन–ज़ी आंदोलन के नेताओं का कहना है कि गुरूंग को निष्पक्ष जांच के लिए पद से इस्तीफा देना चाहिए। जेन जी मूवमेंट अलायंस के रविकिरण हमाल ने कहा कि गुरूंग पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें तुरंत गृह मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना है कि जेन–ज़ी आंदोलन का मूल सिद्धांत ही यह है कि जिस पर आरोप लगे, वह निष्पक्ष तरीके से जवाब दे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री भी जेन–ज़ी आंदोलन से जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्हें रास्ता साफ करना चाहिए और अपने ऊपर निष्पक्ष जांच होने देना चाहिए।
इसी तरह जेन जी अभियंता भावना राउत (Gen-Z activist Bhavana Raut) ने कहा कि प्रधानमंत्री को एक निष्पक्ष टीम बनानी चाहिए। गृह प्रशासन नेपाल पुलिस के अधीन है और जांच भी वही करेगी, ऐसे में पद पर रहते हुए जांच होने से हितों का टकराव होगा, इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। राउत ने आगे कहा कि उन्हें अभी इस्तीफा देना चाहिए। 15–20 दिनों में जांच पूरी हो सकती है। तब तक प्रधानमंत्री स्वयं गृह मंत्रालय संभाल सकते हैं। अगर वे निर्दोष साबित होते हैं, तो फिर से पद संभाल सकते हैं।
उनका मानना है कि जांच होने देना गुरूंग के लिए ही फायदेमंद होगा। राउत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर गृहमंत्री दोषी हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अगर निर्दोष हैं, तो उन्होंने इतना धन कैसे कमाया, यह भी दूसरों के लिए सीख हो सकती है।
जेन–ज़ी आंदोलन की चर्चित नेता तनुजा पांडे (Tanuja Pandey) का कहना है कि गृह मंत्री से जुड़े व्यक्तिगत विवादों से जनता का विश्वास कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग केवल व्यक्ति पर नहीं, पूरे आंदोलन पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें व्यक्तिगत स्तर से ऊपर उठकर आंदोलन को ध्यान में रखते हुए जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पद पर रहते हुए खुद पर लगे आरोपों की जांच करवाना उचित नहीं है। तनुजा ने लिखा कि यह वैसा ही है जैसे दूध की रखवाली बिल्ली करे।” तनुजा के अनुसार, जब आंदोलन के कई कार्यकर्ता अभी भी सामान्य जीवन में नहीं लौट पाए हैं, ऐसे समय में गुरूंग द्वारा बड़ी रकम का लेनदेन संदेह पैदा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन ने नैतिकता की बात उठाई थी, लेकिन खुद ही विवादित जमीन लेना, बड़े पैमाने पर संपत्ति रखना और कथित भ्रष्ट लोगों के साथ आर्थिक लेनदेन दिखना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि एक महीने में चार बार संपत्ति से जुड़े विवादों में घिरना अच्छी शुरुआत नहीं है और गुरूंग खुद अपने मामले में न्यायाधीश नहीं बन सकते। अगर वे सही हैं तो प्रमाण पेश करें। केवल फेसबुक पर पोस्ट लिखकर खुद को निर्दोष बताना पर्याप्त नहीं है।
जेन जी आंदोलन की चर्चित चेहरा रही रक्षा बम ने भी कहा कि जांच में सहयोग के लिए जो भी आवश्यक प्रक्रिया हो, उसे अपनाना चाहिए, चाहे इसके लिए इस्तीफा देना पड़े। उन्होंने कहा कि स्पष्टीकरण जांच एजेंसियों को देना चाहिए, न कि केवल सोशल मीडिया पर सफाई।
गृहमंत्री सुदन गुरूंग (Home Minister Sudan Gurung) संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ व्यावसायिक साझेदारी के कारण विवादों में घिर गए हैं। इसके अलावा जेन–ज़ी आंदोलन के बाद खरीदे गए शेयरों को संपत्ति विवरण में न दर्शाने का आरोप भी उन पर लगा है। इस विषय पर मंगलवार को गृहमंत्री गुरूंग ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है। उन्होंने पार्टी के निर्णय का पालन करने और आवश्यक जांच में सहयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में पार्टी द्वारा लिए गए हर निर्णय का पूर्ण रूप से पालन करूंगा और जांच में आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हूं।


