
रामपुर MP-MLA कोर्ट का फैसला, सात-सात साल की सजा बरकरार
रामपुर : (Rampur) उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (senior Samajwadi Party leader Azam Khan and his son, Abdullah Azam) को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने दोनों की सजा घटाने की अपील खारिज करते हुए पूर्व में निर्धारित 7-7 वर्ष के कारावास को बरकरार रखा है।
दो पैन कार्ड रखने का मामला
यह मामला कथित ‘दो पैन कार्ड’ (‘two PAN cards’) प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें दोनों नेताओं को दोषी ठहराया गया था। इससे पहले निचली अदालत (मजिस्ट्रेट कोर्ट) ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाने के साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष ने सजा में कमी की मांग करते हुए अपील दायर की थी।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने सजा को और कड़ा करने की मांग रखते हुए अलग से याचिका दाखिल की थी। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट (MP-MLA Sessions Court) ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिस पर सोमवार को निर्णय सुनाया गया।
सजा में कमी का कोई औचित्य नहीं
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले के तथ्यों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सजा में किसी प्रकार की कमी का औचित्य नहीं बनता। इसी के साथ अदालत ने सजा यथावत रखते हुए अपील को खारिज कर दिया।
इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी के इन दोनों नेताओं को फिलहाल कोई कानूनी राहत नहीं मिली है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अब अगला विकल्प उच्च न्यायालय (High Court) का दरवाजा खटखटाना हो सकता है।


