
नई दिल्ली : (New Delhi) सरकार ने डिजिटल पहचान व्यवस्था को (digital identity system) और सुरक्षित और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के तहत आधार आधारित ऑफलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम (Aadhaar-based offline verification system) शुरू होने के सिर्फ तीन महीनों में 100 से ज्यादा संस्थाएं इससे जुड़ गई हैं। इस नई व्यवस्था में अब पहचान की जांच बिना सीधे केंद्रीय डाटाबेस से जुड़े भी की जा सकती है। इसका मतलब है कि अब नागरिकों को कागजों और बार-बार दस्तावेज दिखाने की जरूरत कम होगी और प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो सकेगी। इस सिस्टम में लोग क्यूआर कोड या डिजिटल साइन किए हुए दस्तावेजों के जरिए अपनी जरूरी जानकारी साझा कर सकते हैं।
व्यक्ति खुद तय करेगा अपना नियंत्रण
इतना ही नहीं अब इसमें व्यक्ति खुद तय करेगा कि कौन-सी जानकारी किसे देनी है, जिससे उसकी निजी जानकारी पर नियंत्रण बना रहेगा। सरकार के अनुसार इस सिस्टम से सरकारी विभागों, बैंकिंग और फिनटेक कंपनियों, होटल-इवेंट सेक्टर, शिक्षा संस्थानों और वेरिफिकेशन एजेंसियों (banking and fintech firms, the hospitality and events industry, educational institutions, and verification agencies) को फायदा मिलेगा। इससे सेवाएं तेज होंगी और कामकाज में लगने वाला समय कम होगा।


