
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (petrol, diesel, and cooking gas) (एलपीजी) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति पर कोई तत्काल खतरा नहीं है।
94,000 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे दो जहाज
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) के अनुसार, लगभग 94,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर दो बड़े जहाज-बीडब्ल्यू टीवाईआर और बीडब्ल्यू ईएलएम-सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुके हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं।बीडब्ल्यू टीवाईआर के 31 मार्च तक मुंबई पहुंचने की संभावना है, जबकि बीडब्ल्यू ईएलएम 1 अप्रैल तक न्यू मैंगलोर पहुंच सकता है।
हालात पर 24 घंटे नजर
सरकार ने बताया कि जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (Directorate General of Shipping) (डीजी शिपिंग) लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और उसका नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है।अब तक हजारों कॉल और ईमेल के जरिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही 900 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी भी सुनिश्चित की जा चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी व्यापारी जहाजों की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समुद्री मार्ग से आने वाली ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो।
होर्मुज संकट के बीच सरकार की सतर्कता
सरकार ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के प्रयास कर रही है।विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के अनुसार, भारत ने होर्मुज मार्ग से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन बनाए रखने पर जोर दिया है, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है।सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।


