
सिंधुदुर्ग : (Sindhudurg) महाराष्ट्र पर्यटन विभाग और महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल (एमटीडीसी) (Maharashtra Tourism Development Corporation) की ओर से सिंधुदुर्ग जिले के देवगढ़ तालुका स्थित कुणकेश्वर (Kunkeshwar—located in the Devgad taluka of Sindhudurg district) में 15 से 18 मई 2026 के बीच ‘आंबा महोत्सव 2026’ (‘Amba Mahotsav 2026’) का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन एमटीडीसी के सुवर्ण वर्ष के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया कि महोत्सव में ‘फार्म टू टेबल’ संकल्पना के तहत पर्यटकों को किसानों से सीधे ताजे आम खरीदने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कोकण के पारंपरिक और स्थानीय उत्पाद भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। महोत्सव के दौरान आम उत्पादक किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने और मार्गदर्शन के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इससे किसानों और स्थानीय उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में कोकण की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले दशावतार, पालखी यात्रा, स्वराज्य आख्यान, कोकण कलेक्टिव्ह बैंड और महिलाओं के लिए ‘होम मिनिस्टर’ (Dashavatar*, *Palkhi Yatra*, *Swarajya Akhyan*, performances by the ‘Konkan Collective’ band, and the popular ‘Home Minister’ segment for women) जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्यटकों को कोकण की लोकसंस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
समुद्री पर्यटन और ऐतिहासिक किलों का आनंद
कुणकेश्वर के आसपास स्थित सिंधुदुर्ग किला, विजयदुर्ग किला और देवगढ़ किला भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके अलावा तारकरली, मालवण, देवबाग और कुणकेश्वर समुद्र तटों पर स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, जेट स्कीइंग, बोटिंग और डॉल्फिन सफारी जैसी गतिविधियों का आनंद लिया जा सकेगा।
पर्यटक मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद से सिंधुदुर्ग के चिपी हवाई अड्डे तक विमान सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। वहीं कोंकण रेलवे के माध्यम से कणकवली स्टेशन तक रेल संपर्क भी उपलब्ध है। मुंबई और पुणे से सड़क मार्ग द्वारा भी कुणकेश्वर पहुंचना आसान है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) संजय खंदारे (Additional Chief Secretary (Tourism) Sanjay Khandare) ने कहा कि यह महोत्सव कोकण क्षेत्र के पर्यटन, कृषि और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहीं एमटीडीसी के प्रबंध निदेशक नीलेश गटणे (Nilesh Gatne, Managing Director of MTDC) ने कहा कि महोत्सव में आम आधारित व्यंजनों के साथ पारंपरिक कला और लोकसंस्कृति का विशेष अनुभव मिलेगा


