
शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम ने अचानक सर्द रुख अपना लिया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड का असर फिर बढ़ गया है।
मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। अटल टनल रोहतांग (Atal Tunnel, Rohtang) के दक्षिणी छोर पर भी बर्फ गिरने का सिलसिला जारी है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सोलंग बैरियर से आगे छोटे वाहनों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है। आवश्यक यात्रा के लिए केवल चार-पहिया ड्राइव (4×4) वाहनों के उपयोग की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 30 मार्च को अधिकांश जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। 31 मार्च से 2 अप्रैल तक भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जबकि 3 और 4 अप्रैल को फिर से बारिश और आंधी को लेकर येलो अलर्ट (‘Yellow Alert’) जारी किया गया है।
गर्म कपड़ों में नजर आ रहे पर्यटक
राजधानी शिमला सहित कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, सिरमौर, सोलन और चंबा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। कांगड़ा में 14.5 मिमी, जोत में 15.0 मिमी, भटियात में 8.4 मिमी और अन्य स्थानों पर भी हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई है। कई क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चलने से ठंड का असर और बढ़ गया है।
मौसम में आए बदलाव का असर पर्यटन स्थलों पर भी दिख रहा है। शिमला और मनाली में तापमान गिरने से स्थानीय लोग और पर्यटक फिर से गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों से पहुंचे पर्यटक इस मौसम का आनंद ले रहे हैं।
तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे
तापमान में गिरावट के बीच केलांग, कुकुमसेरी और ताबो जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि शिमला, मनाली और अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से कम रहा।
मौसम विभाग ने शिमला, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी (Shimla, Chamba, Kangra, Kullu, and Mandi) जिलों में ओलावृष्टि, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट घोषित किया गया है, जहां 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।


