
फ्लोरिडा : (Florida) फ्लोरिडा में आयोजित ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव’ (‘Future Investment Initiative’) शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (‘Operation Epic Fury’) को लेकर कई सनसनीखेज दावे किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही कूटनीतिक बातचीत चल रही हो, लेकिन अमेरिकी सेना अपनी कार्रवाई जारी रखने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में अब तक 7,000 से अधिक ठिकानों को तबाह किया है, लेकिन अभी भी 3,554 और महत्वपूर्ण टारगेट (जैसे मिसाइल यूनिट और ड्रोन सेंटर) रडार पर हैं। उन्होंने कहा कि “इन्हें बहुत जल्द खत्म कर दिया जाएगा।” ट्रंप ने इस अभियान को ‘युद्ध’ के बजाय ‘सैन्य ऑपरेशन’ कहना पसंद किया, ताकि कानूनी पेचीदगियों से बचा जा सके। ट्रंप ने उस घटना का विस्तार से जिक्र किया जिसमें ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN 72) (aircraft carrier USS Abraham Lincoln (CVN 72)) को निशाना बनाया था। उन्होंने दावा किया कि तेहरान ने इस विशाल पोत पर एक साथ 101 मिसाइलें दागी थीं। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका की ‘पैट्रियट’ और अन्य उन्नत रक्षा प्रणालियों ने सभी 101 मिसाइलों को बीच हवा में ही मार गिराया और उनका मलबा समंदर में बिखर गया।
‘ईरान अब डरा हुआ है और समझौते के लिए तैयार है’
ट्रंप ने दावा किया कि पिछले 47 सालों से क्षेत्र में ‘धौंस’ जमाने वाला ईरान अब खुद ‘भाग’ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों (विशेष रूप से B2 बॉम्बर्स के इस्तेमाल) ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को इतना कमजोर कर दिया है कि अमेरिकी विमान अब बिना किसी डर के वहां उड़ान भर रहे हैं। उनके अनुसार, ईरानी नेता अब समझौते के लिए “मिन्नतें” कर रहे हैं।


