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Anuppur : 96 दिन से अनूपपुर में भटक रहा तीन हाथियों का दल

अनूपपुर : (Anuppur) मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले (Anuppur district of Madhya Pradesh) में जंगली हाथियों की मौजूदगी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। तीन हाथियों का एक समूह पिछले 96 दिनों से जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में घूम रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शनिवार को यह दल अहिरगवां वन परिक्षेत्र के टिटही-जैतहरी बीट के जंगल में देखा (Titahi-Jaithari beat within the Ahirgawa forest range) गया।

दिन में जंगल और रात में गांवों की ओर रुख
वन विभाग के अनुसार, यह हाथी छत्तीसगढ़ सीमा (via the Chhattisgarh border) से होते हुए जिले में प्रवेश किए थे और तब से लगातार स्थान बदलते हुए जैतहरी, अनूपपुर (Jaithari, Anuppur) और आसपास के इलाकों में विचरण कर रहे हैं। हाल के चार दिनों से यह समूह पुष्पराजगढ़ जनपद के अहिरगवां क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। दिन में जंगलों में विश्राम करने के बाद हाथी रात के समय गांवों की ओर रुख कर रहे हैं।

मकानों में रखा अनाज भी नहीं बच रहा
बीते तीन दिनों में हाथियों ने कई गांवों में नुकसान पहुंचाया है। कम से कम तीन पक्के मकानों और एक झोपड़ी को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही घरों में रखा अनाज खा लिया। इसके अलावा कई किसानों की गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलें भी नष्ट हुई हैं। प्रभावित गांवों में कठौतिया, सामतपुर, घाटा बैरागी, रामटोला, पयारी और तरेरा (Kathautia, Samatpur, Ghata Bairagi, Ramtola, Payari, and Tarera) शामिल हैं।

खदेड़ने पर हमलावर हो रहा हाथियों का दल
ग्रामीणों ने हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन कई बार हाथियों ने आक्रामक व्यवहार दिखाते हुए लोगों को दौड़ा दिया, जिससे भय का माहौल बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की गश्ती टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

उधर, राजस्व विभाग (Revenue Department) ने भी नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। पटवारियों द्वारा प्रभावित स्थलों का निरीक्षण कर मुआवजे के लिए प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

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