
सभी दलों ने न्यायिक जांच की उठाई मांग
जम्मू : (Jammu) जम्मू-कश्मीर विधानसभा (Jammu and Kashmir Legislative Assembly) में शनिवार को सभी दलों के सदस्यों ने फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) पर हुए जानलेवा हमले की निंदा की और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक करार दिया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर (National Conference legislators informed Speaker Abdul Rahim Rather) को सूचित किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि, अध्यक्ष ने पहले प्रश्नकाल को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराया और बाद में इस गंभीर विषय पर चर्चा की अनुमति दी।
अध्यक्ष राथर ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव का नोटिस नियमानुसार पहले दिया जाना चाहिए था, लेकिन यह मामला पूरे सदन की चिंता का विषय है, इसलिए बिना स्थगन प्रस्ताव के भी चर्चा की अनुमति दी जा रही है।
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरजीत सिंह सलाथिया (senior BJP leader Surjit Singh Salathia) ने भी इस मुद्दे पर चर्चा का समर्थन करते हुए कहा कि फारूक अब्दुल्ला एक प्रमुख और प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तित्व हैं, इसलिए इस घटना की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। सदन के सदस्यों ने हमलावर को आतंकवादी घोषित करने की भी मांग की और घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (former Chief Minister Farooq Abdullah) 11 मार्च को उस समय बाल-बाल बच गए थे, जब ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह से लौटते समय जम्मू के पुरानी मंडी निवासी 63 वर्षीय कमल सिंह ने उन पर बेहद करीब से गोली चलाई थी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों की सतर्कता से हमलावर को तुरंत काबू कर लिया गया और उसके पास से एक रिवॉल्वर बरामद की गई।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक (Deputy Inspector General) (DIG) की निगरानी में एक विशेष जांच दल (Special Investigation Team) (SIT) का गठन किया है। सदन के सदस्यों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।


