
समय से पहले हासिल किया अंतरिम लक्ष्य; 1.78 गीगावाट बिजली उत्पादन शुरू
मुंबई : (Mumbai) केंद्र सरकार (Central Government) की पहल के साथ तालमेल बिठाते हुए महाराष्ट्र सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महावितरण (Mahavitaran) ने वर्ष 2026-27 तक 8.75 लाख घरों में सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने का लक्ष्य रखा है। मार्च 2026 तक 4.25 लाख घरों का अंतरिम लक्ष्य था, लेकिन समय से पहले ही 4.68 लाख उपभोक्ता इस योजना से जुड़ चुके हैं। इससे राज्य में कुल 1.78 गीगावाट सौर क्षमता स्थापित हो चुकी है।
हाउसिंग सोसायटियों में बढ़ा सौर ऊर्जा का रुझान
सौर ऊर्जा को लेकर हाउसिंग सोसायटियों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 4,472 सोसायटियों ने सामूहिक सौर परियोजनाएं अपनाई हैं, जिससे 74 मेगावाट बिजली क्षमता विकसित हुई है। इनमें से 4,053 सोसायटियों को 123.54 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। मुंबई और उपनगरों की 58 सोसायटियां भी इस पहल में शामिल हैं।
एसआरए परियोजनाओं में भी तेजी
मुलुंड और भांडुप क्षेत्रों (Mulund and Bhandup regions) में महावितरण के करीब 3.10 लाख उपभोक्ता हैं, जहां 14 झोपड़पट्टी पुनर्वसन (SRA) परियोजनाएं (Slum Rehabilitation Authority) पूरी हो चुकी हैं। इनमें से 11 परियोजनाओं ने सोलर कनेक्शन लेकर लाभ उठाया है। खास बात यह है कि फिलहाल इस योजना से जुड़ा कोई भी आवेदन लंबित नहीं है।
नई हाउसिंग पॉलिसी में सौर ऊर्जा को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने 23 जुलाई 2025 को लागू नई हाउसिंग पॉलिसी (new Housing Policy) में पर्यावरण-अनुकूल उपायों को प्राथमिकता दी है। इस नीति में सौर ऊर्जा को विशेष महत्व दिया गया है, ताकि शहरी विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।
बिजली बिल में राहत और सतत विकास पर जोर
सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से एसआरए इमारतों के रखरखाव और बिजली बिल के खर्च में कमी आएगी। साथ ही यह पहल राज्य को स्वच्छ और सतत ऊर्जा की दिशा में मजबूत बनाएगी।


