
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच सरकार ने बुधवार को देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति स्थिति को सामान्य बताया है। भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है। रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और लगभग 26 करोड़ टन तेल उपलब्ध है।
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (Marketing and Oil Refineries) सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए, जबकि 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी (LPG to PNG) पर चले गए और 2.5 लाख नए आवेदन प्राप्त हुए। शर्मा ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। इसमें कोई कमी नहीं आई है, जबकि 92 फीसदी से ज्यादा बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और बुकिंग का स्तर बढ़ने के बावजूद डिलीवरी सामान्य रूप से हो रही है।
उन्होंने बताया कि व्यावसायिक एलपीजी का आवंटन 50 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें होटल, ढाबे, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत लगभग 22 हजार टन एलपीजी की आपूर्ति की गई है और 30 हजार छोटे सिलेंडर बांटे गए हैं। कई राज्यों में वैकल्पिक ईंधन के तौर पर अतिरिक्त केरोसिन (मिट्टी का तेल) का आवंटन भी किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी तरह ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली सीएनजी भी 100 फीसदी कंज्यूमर्स को उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि कई कंपनियों ने कई इंसेंटिव्स की घोषणा की है, जैसे 500 रुपये तक की फ्री गैस या सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट दी गई है।
सुजाता शर्मा ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके तहत लगभग 2,700 जगहों पर छापे मारे गए हैं, जबकि 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों से अपील कर रही है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और घबराएं नहीं। सरकार उन्हें पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दे रही है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकारों को भी लिखा गया है, उन्हें 10 फीसदी कमर्शियल गैस और अतिरिक्त एलपीजी देने का ऑफर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में ही एक ऑर्डर जारी किया गया है, जिसमें रोड रेस्टोरेशन चार्ज माफ कर दिया गया है और 24X7 पाइपलाइन के काम की इजाजत दी गई है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने बताया कि बुधवार को भारत सरकार ने पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक और गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसका मुख्य मकसद सभी राज्यों में पीएनजी कनेक्शन के लिए एप्लीकेशन फीस और अप्रूवल टाइमलाइन को आसान बनाना है।
सुजाता शर्मा (Sujata Sharma) ने कहा कि हमारे पास हर साल लगभग 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है। पिछले दो दिनों में हमने कई इलाकों में रिटेल आउटलेट्स और पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी लाइनें देखी हैं और लोग घबराकर भी खरीदारी करते दिखे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास पेट्रोल और डीजल के पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी पेट्रोल पंप पर कोई कमी नहीं है। पेट्रोल पंपों को सप्लाई करने वाले टर्मिनलों पर भी पर्याप्त मात्रा में तेल मौजूद है। इसलिए अफ़वाहों पर ध्यान न दें और घबराकर खरीदारी करने से बचें।


