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Bahraich : योगी के भरतपुर में रहेंगे विस्थापित 136 परिवार

Bahraich: 136 displaced families to live in Yogi's Bharatpur

समाज को बांटने वालों ने गरीबों के विकास पर नहीं दिया ध्यानः योगी
बहराइच : (Bahraich)
उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास एजेंडे (Uttar Pradesh’s political and development agenda) के बीच बुधवार को बहराइच एक बड़े संदेश का केंद्र बना, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने 136 विस्थापित परिवारों को आवास, शौचालय और जमीन के पट्टों का वितरण किया। सेमरहना क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने न सिर्फ पुनर्वास योजनाओं को रफ्तार देने का संकेत दिया, बल्कि जातीय राजनीति पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि “वर्षों तक समाज को बांटने की राजनीति ने गरीबों और वंचितों को उनके अधिकारों से दूर रखा।”

कार्यक्रम के दौरान नई बसाई जा रही कॉलोनी को “भरतपुर” (“Bharatpur”) नाम देने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने इसे भगवान राम के अनुज भरत के आदर्शों से जोड़ते हुए भाईचारे और त्याग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पहले जिन परिवारों को बुनियादी सुविधाएं भी नसीब नहीं थीं, उन्हें अब सम्मानजनक जीवन देने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परिवारों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास तेज हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस आयोजन को जहां एक ओर विकास योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह आने वाले राजनीतिक विमर्श की दिशा भी तय करता नजर आ रहा है।

वर्षों पहले हो सकता था पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला तेज करते हुए कहा कि जाति के नाम पर राजनीति करने वालों ने कभी वास्तविक सामाजिक न्याय सुनिश्चित नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पिछड़े, दलित और जनजातीय समुदायों के ये लोग उस कथित सामाजिक समीकरण का हिस्सा नहीं थे, जिसकी बातें आज की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पहले समावेशी सोच के साथ काम हुआ होता, तो इन परिवारों का पुनर्वास वर्षों पहले ही हो सकता था।

सरयू के कछार में कर रहे थे जीवनयापन
कौडियाला सरयू नदी क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां के लोग बेहद असुरक्षित हालात में जीवन यापन कर रहे थे—जंगलों में जंगली जानवरों का खतरा और नदी क्षेत्र में मगरमच्छ व सांपों का डर बना रहता था। बुनियादी सुविधाओं के अभाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि नई कॉलोनी में सड़क, बिजली और आवास जैसी सभी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं।

बिना भेदभाव सबको मिल रहा लाभ
अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi’s leadership) के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” (“One India, Best India”) की अवधारणा को दोहराया और कहा कि वर्तमान सरकार बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 2017 से पहले के हालात का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास दोनों प्रभावित थे, जबकि अब माहौल बदल

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