
नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा में चर्चा के बाद बुधवार को वित्त विधेयक, 2026 पारित कर दिया गया, जो वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए केंद्र सरकार के बजट प्रस्तावों को लागू करने की दिशा में एक अहम कदम है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को सदन में यह विधेयक विचार और पारित करने पेश किया था।
वित्त विधेयक 2026 को लोकसभा ने 32 सरकारी संशोधन शामिल करने के बाद अपनी मंजूरी दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने वित्त विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भारत तेजी से सुधारों के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में सुधार किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि स्पष्ट सोच, आत्मविश्वास और प्रतिबद्धता के साथ किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है और लगातार आगे बढ़ रहा है।
लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि भारत में सुधार किसी दबाव में नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास के साथ किए जा रहे हैं और देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक 2026-27 पांच स्पष्ट सिद्धांतों पर आधारित है। सीतारमण ने कहा कि वित्त विधेयक में मध्यम वर्ग के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान हैं और उन दावों को खारिज कर दिया कि इससे केवल बड़े व्यवसायों को ही लाभ होता है। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल की अवधि (2019-2024/25) में सेस का कुल इस्तेमाल उसकी कुल वसूली से ज्यादा रहा है। इस दौरान 15.14 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई, जबकि विभिन्न योजनाओं के तहत राज्यों को 15.97 लाख करोड़ रुपये भेजे गए।
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि अगर पीएलआई योजना असरदार नहीं थी और उससे रोजगार पैदा नहीं हुए, तो तमिलनाडु ने अपने यहां पीएलआई आधारित निवेश को क्यों नहीं ठुकराया?” निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपने जवाब में पीएलआई योजना पर तमिलनाडु के रुख पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी बनाता है। अब वित्त विधेयक के जरिए इनकम टैक्स की दरों, ड्यूटी और दूसरे शुल्कों में किए गए बदलाव लागू होंगे, जिसका सीधा असर इस बात पर पड़ेगा कि लोग और कंपनियां सरकारी खजाने में कितना पैसा जमा करते हैं। उम्मीद है कि इन प्रावधानों से नागरिकों की खर्च करने लायक इनकम, बचत और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न, और दूसरे उपायों पर असर पड़ेगा।
केंद्रीय बजट 2026–27 के मुख्य प्रस्ताव
केंद्रीय बजट 2026–27 के मुख्य प्रस्तावों में विकास को गति देने, रोज़गार के अवसर पैदा करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। ये बजट आधारभूत संरचना और निजी निवेश के लिए पूंजीगत खर्च से होने वाले विस्तार, ‘युवाशक्ति’ जैसी रोजगार और कौशल विकास की पहलों और क्रेडिट एवं इंसेंटिव के जरिए एमएसएमई को मदद देने पर जोर देता है। साथ ही विनिर्माण, उद्योग और कृषि को उत्पादन से जुड़ी योजनाओं, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, सिंचाई और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर से फ़ायदा होगा। केंद्रीय बजट में ग्रीन एनर्जी, डिजिटल गवर्नेंस, शहरी विकास और कनेक्टिविटी को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पोषण के क्षेत्र में मानव पूंजी के विकास पर भी ध्यान दिया गया है।
क्या होता है वित्त विधेयक
वित्त विधेयक एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज है, जो केंद्रीय बजट के बाद कर प्रस्तावों, कराधान में बदलाव और राजस्व बढ़ाने के उपायों को लागू करने के लिए संसद में पेश किया जाता है। यह संविधान के अनुच्छेद 110 (Money Bill) या अनुच्छेद 117 (Financial Bill) के तहत आता है। इसे केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और पारित होने के बाद यह ‘वित्त अधिनियम’ बन जाता है।


