
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने बुधवार को भारतीय पुरुष और महिला लैक्रॉस टीमों को रियाद में आयोजित एशियन लैक्रॉस गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से कड़ी मेहनत जारी रखने और लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर इतिहास रचने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।
खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए खेल मंत्री ने कहा कि लैक्रॉस जैसे उभरते खेलों में सफलता के लिए दृढ़ संकल्प, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और निरंतर मेहनत बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “लैक्रॉस भारत के लिए एक उभरता हुआ बड़ा खेल है। यह आपका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव था और आपने पहले ही देश के लिए पदक जीत लिए हैं। अब आपको और मेहनत करनी है, अधिक अनुभव हासिल करना है और ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर देश का नाम रोशन करना है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को लगातार समर्थन देती रहेगी, लेकिन सफलता के लिए जुनून और निरंतर प्रयास सबसे महत्वपूर्ण हैं।
भारत ने इस साल फरवरी में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एशियन लैक्रॉस गेम्स (Asian Lacrosse Games) में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिक्सेस फॉर्मेट में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में इराक को हराया, जबकि महिला टीम ने पाकिस्तान को मात दी।
गौरतलब है कि भारतीय महिला लैक्रॉस टीम (Indian women’s lacrosse team) ने 2024 में और पुरुष टीम ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था, ऐसे में यह उपलब्धि और भी खास मानी जा रही है। टीमों में देश के विभिन्न राज्यों—राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश—के खिलाड़ियों ने प्रतिनिधित्व किया।
भारत की अगली बड़ी प्रतियोगिताएं अप्रैल में चीन के चेंगदू में होने वाले एशियन लैक्रॉस गेम्स और अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाली एशिया-पैसिफिक सिक्सेस लैक्रॉस चैंपियनशिप हैं, जो लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक क्वालिफिकेशन का अहम हिस्सा होंगी।


