मुरादाबाद : (Moradabad) मां दुर्गा की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र (Sharadiya Navratri) सोमवार को घट स्थापना के साथ प्रारंभ हो गए। उत्तर प्रदेश की पीतलनगरी कहे जाने वाले जिले मुरादाबाद में मंदिरों और घरों में विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ कलश स्थापना की गई। आज से नाै दिन तक घरों व मंदिरों में माता रानी की विशेष पूजा अर्चना होगी। श्रद्धालु 9 दिनाें तक माता रानी का उपवास धारण करके फलाहार ग्रहण करेंगे। महानगर के अति प्राचीन सिद्ध पीठ श्री काली माता मंदिर लालबाग में माता के दर्शन को भक्त पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रांगण में लगने वालेे नाै दिवसीय मेला प्रारंभ हो गया।
श्रद्धालुओं ने आज प्रातः काल सुबह 6 बजकर 9 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 6 मिनट के बीच के बीच शुभ मुहूर्त में घर के मंदिरों में कलश स्थापना कर माता रानी की पूजा अर्चना की और उपवास रखा। वहीं काफी संख्या में भक्तों ने अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट के बीच भी घट स्थापना की। मंदिरों में भी भी पुरोहितों के द्वारा घट स्थापना की गई।
श्री हरि ज्योतिष संस्थान के संचालक ज्योतिर्विद पंडित सुरेंद्र कुमार शर्मा (Astrologer Pandit Surendra Kumar Sharma) ने बताया कि शारदीय नवरात्र आज से प्रारंभ हो गए हैं जो एक अक्टूबर को श्री दुर्गा नवमी के साथ नवरात्र पूर्ण होंगे। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस बार नवरात्र में तृतीया तिथि दो दिन लग रही है। इसलिए 24 और 25 सितंबर दोनों ही दिन मां चंद्रघंटा की उपासना की जाएगी।
पंडित सुरेंद्र शर्मा ने आगे बताया कि इस बार नवरात्र का आरंभ सोमवार से हुआ है इसलिए माता का आगमन गज यानी हाथी पर हुआ है। श्रीमदेवी भागवत महापुराण (Shrimad Devi Bhagavat Mahapuran) के अनुसार, जब भी माता का आगमन हाथी पर होता है तो यह बेहद ही शुभ माता जाता है। माता के हाथी पर आगमन का अर्थ है कि कृषि में वृद्धि होती साथ ही देश में धन समृद्धि में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।


