मुंबई : (Mumbai) चार दशकों से भी ज्यादा के अपने करियर में 350 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वाले मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल विश्वनाथन नायर (Malayalam superstar Mohanlal Viswanathan Nair) को वर्ष 2023 के प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मनित किया जाएगा। अभिनेता की इस खास उपलब्धि को के लिए बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वृषभा’ (film “Vrishbha”) की टीम ने खुशी और गर्व जाहिर करते हुए बधाइयां दीं।
फिल्म “वृषभा” की प्रोड्यूसर एकता आर. कपूर (producer Ekta R. Kapoor) ने कहा, “कांग्रेचुलेशन्स मोहनलाल सर! आपका टैलेंट और आपकी परफॉर्मेंस अनगिनत कलाकारों के लिए प्रेरणा है। टीम वृषभा के लिए आपके साथ काम करना किसी वरदान से कम नहीं। आप वाकई इंडियन सिनेमा के चमकते सितारे हैं।”
वरुण माथुर ने जोड़ा, “मोहनलाल सर को इस शानदार उपलब्धि पर ढेर सारी शुभकामनाएं। यह आपकी लेजेंडरी जर्नी का एक और सुनहरा अध्याय है। पूरी टीम की ओर से हार्दिक बधाई।”
अभिषेक व्यास (Abhishek Vyas) बोले, “दिल से बधाई मोहनलाल सर! आपका दशकों का काम आज भी हमें प्रेरित करता है और सिनेमा का भविष्य गढ़ता है। आपके इस सफ़र का हिस्सा होना हमारे लिए गर्व की बात है।”
डायरेक्टर नंदा किशोर ने कहा, “मोहनलाल सर को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड मिलना हर सिनेमा प्रेमी के लिए गर्व का क्षण है। वह केवल अभिनेता नहीं, बल्कि एक भावना हैं। उनके साथ काम करना सौभाग्य है।”
दरअसल, ‘वृषभा’ को कनेक्ट मीडिया और बालाजी टेलीफ़िल्म्स फिल्म पेश कर रहे हैं। इसका निर्माण शोभा कपूर (produced by Shobha Kapoor), एकता आर. कपूर, सी.के. पद्मा कुमार, वरुण माथुर, सौरभ मिश्रा, अभिषेक एस. व्यास, प्रवीर सिंह, विशाल गुर्नानी और जूही पारेख मेहता ने किया है। मलयालम और तेलुगु में शूट हुई इस फिल्म को हिंदी और कन्नड़ में भी रिलीज़ किया जाएगा। इस दीवाली, ‘वृषभा’ का भव्य वर्ल्डवाइड प्रीमियर होगा।
उल्लेखनीय है कि सिनेमा जगत के लिए गर्व का पल, लीजेंडरी मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल (Malayalam superstar Mohanlal) को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े पुरस्कार दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड (Dadasaheb Phalke Award) देने का ऐलान किया गया है। चार दशक से भी अधिक और 340 से ज़्यादा फिल्मों की लंबी यात्रा में मोहनलाल ने मलयालम से लेकर तमिल, तेलुगु, हिंदी और कन्नड़ तक हर इंडस्ट्री में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उनकी अदाकारी, बहुमुखी प्रतिभा और करिश्माई मौजूदगी ने उन्हें घर-घर का नाम बनाया और पीढ़ियों को प्रेरित किया।


