जयपुर : (Jaipur) शहर के आदर्श नगर से कांग्रेस विधायक रफीक खान ने वक्फ संशोधनहिशहर बिल-2025 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है। इस याचिका पर भी अन्य याचिकाओं के साथ 5 मई को सुनवाई होगी।
याचिका में कहा गया है कि यह वक्फ संशोधन बिल मुसलमानों के अधिकारों के साथ भेदभाव करने वाला है। इसके साथ ही ये संशोधन विधेयक संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत समानता के अधिकार, अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धर्म और धार्मिक गतिविधियों के पालन और प्रबंधन का अधिकारों का भी हनन करता है। वहीं संविधान के अनुच्छेद 29 में दिए गए अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा का भी हनन करता है। याचिका में ये भी कहा गया है कि वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना में संशोधन कर वक्फ प्रशासनिक निकायों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य किया गया है। जबकि ऐसा करना धार्मिक शासन में अनुचित हस्तक्षेप है। याचिका में कहा कि यह चयनात्मक हस्तक्षेप, अन्य धार्मिक संस्थानों पर समान शर्तें लगाए बिना किया गया है और ऐसे में यह ना केवल एकतरफा है, बल्कि मनमाना भी है। वहीं यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 की भी सीधे तौर पर अवहेलना है। रफीक खान का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पास करवाकर मुस्लिम समुदाय पर एक प्रहार किया है। गौरतलब है कि विधेयक में कहा गया है कि केवल वही व्यक्ति वक्फ घोषित कर सकता है जो कम से कम पांच साल से इस्लाम का पालन कर रहा हो।


