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Mumbai : वेश्यावृत्ति के नर्क से निकली 132 महिलाएं बनीं लघु उद्यमी

मुंबई : (Mumbai) कभी-कभी नौकरी अथवा आजीविका की जरूरत या पारिवारिक स्थिति के कारण महिलाओं को वेश्यावृत्ति के नर्क में उतरना पड़ता है। हालांकि इन महिलाओं के प्रति समाज का नजरिया कुछ प्रथक ही है,। लेकिन ऐसी महिलाओं की बेवसी को समाज भी समझने लगा है। फलस्वरूप देह व्यापार के फसी महिलाओं को उबारने के लिए लघु उद्यमी बनाने का सपना अब साकार हुआ है. ठाणे की क्षमता निर्माण संस्था ने ठाणे, भिवंडी, तुर्भे और कमाठीपुरा की 132 महिला वेश्याओं को सूक्ष्म उद्यमियों में बदलकर समाज की मुख्यधारा में लाने का बीड़ा उठाया है। ठाणे में सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत सिनकर ने बताया कि काबिया संस्था की ‘उत्कर्ष माइक्रो बिजनेस डेवलपमेंट ट्रेनिंग’ पहल के तहत पिछले साल से देह व्यापार में शोषित हो रही महिला वेश्याओं को आजीविका के साधन उपलब्ध करा कर उनका भविष्य संवारने का प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में सवेरा, ओएसिस, साल्वेशन आर्मी संस्था और काबिया संस्था महिला वेश्याओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। कैपेसिटी इंस्टीट्यूट की समन्वयक प्रमिला शर्मा ने बताया कि हाल ही में मुंबई के कामठीपुरा में आयोजित एक कार्यक्रम में चार महिलाओं के एक नए लघु उद्यम का उद्घाटन किया गया।

इस कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ क्वीन नेकलेस मुंबई के 15 सदस्यों को आमंत्रित किया गया था, जो महिलाओं को उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनकी सम्मानजनक आजीविका को मजबूत करने के लिए सहायता प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में रोटरी के निमिष शाह उपस्थित थे. इस मौके पर भावुक होकर महिलाओं ने गणमान्य लोगों और संस्थाओं को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘हम इस बिजनेस को आगे बढ़ाएंगे, यह हमारे लिए बहुत अच्छा मौका है।’ इस कार्यक्रम की गतिविधि संस्थापक भारती ताहिलियानी का कहना है कि क्षमता के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने का काम लगातार जारी है और अब तक 132 महिलाएं विभिन्न रेड लाइट एरिया में लघु उद्यम शुरू कर चुकी हैं, महिलाएं अपने नए जीवन स्तर की राह पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं और संगठन का मानना ​​है कि यह संख्या बढ़ेगी आगे। जबकि गतिविधि समन्वयक रेशमा कलमकार ने बताया गया उत्कर्ष माइक्रो बिजनेस डेवलपमेंट ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत इन महिलाओं को 4 महीने तक प्रशिक्षित किया जाता है, जिसमें उन्हें सिखाया जाता है कि व्यवसाय कैसे शुरू करें और कैसे बनाए रखें, कैसे गणना करें, आय का 25 प्रतिशत कैसे बचाएं।

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