केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की मौजूदगी में दोनों राज्यों में बनी सहमति
चंडीगढ़ : हरियाणा राजस्थान की वर्षों पुरानी पानी की मांग को पूरा करेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की शनिवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में हुई बैठक में हरियाणा ने इस बात पर सहमति जताई कि हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान को पानी दिया जाएगा।
बैठक में हरियाणा ने तय किया कि हथनी कुंड से अपनी जरूरत का पानी लेने के बाद अतिरिक्त बचे हुए पानी को राजस्थान को दिया जाएगा। पानी की यह आपूर्ति हरियाणा के बॉर्डर इलाके में की जाएगी।
हथिनी कुंड बैराज पर पानी रोकने की क्षमता से अधिक पानी को राजस्थान को दिया जाएगा। पिछले 20 साल से यह सुझाव राजस्थान की तरफ से दिया जा रहा था लेकिन किसी ने इस पर पहल नहीं की। अब राजस्थान और हरियाणा के सीएम ने इस पर काम शुरू कर दिया है। अब समझौते के बाद हथिनी कुंड बैराज से चार पाइप लाइनें निकाली जाएंगी, तीन लाइन राजस्थान जाएगी और एक पाइपलाइन हरियाणा के लिए होगी।
दोनों राज्यों के बीच तय हुआ है कि हरियाणा बरसात के दिनों में यमुना का अतिरिक्त पानी राजस्थान को देगा। यमुना का यह पानी राजस्थान को दक्षिण हरियाणा की तरफ से दिया जाएगा और राजस्थान इस पानी का स्टोरेज करेगा ताकि पीने के काम आ सके।
समझौते के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि हरियाणा यमुना से दिल्ली को उसके हिस्से का पानी पहले हुए समझौते और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार देता रहेगा। इसमें कोई कटौती नहीं होगी। राजस्थान में पानी की कमी है इसलिए राजस्थान के साथ हरियाणा ने यह समझौता किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के बाद हरियाणा और अब राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद वहां के मुख्यमंत्री भजन लाल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के माध्यम से यह प्रस्ताव किया था।


