काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल में राजतंत्र की पुनर्बहाली को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ (Prime Minister Pushpakamal Dahal ‘Prachanda’) ने देश में लोकतंत्र और गणतंत्र की स्थापना में भारत की भूमिका का स्मरण करते हुए नई दिल्ली की प्रशंसा की है। प्रचंड ने कहा कि भारत के सहयोग के बिना नेपाल में गणतंत्र की स्थापना असंभव थी।
प्रधानमंत्री निवास में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री प्रचंड ने दावा किया कि नेपाल में राजतंत्र खत्म कर गणतंत्र की स्थापना में माओवादियों के द्वारा दस वर्षों तक किए गए सशस्त्र विद्रोह की तो भूमिका रही ही है, इसमें भारत की भी भूमिका रही है। प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ दिनों से राजतंत्र की पुनर्बहाली के पक्ष में चल रहे प्रदर्शनों पर कहा कि देश में सैकड़ों लोगों के बलिदान के बाद स्थापित गणतंत्र की रक्षा के लिए वो हर तरह का बलिदान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सैकड़ों बलिदान से प्राप्त इस उपलब्धि की रक्षा के लिए सभी लोकतांत्रिक दलों को एकजुट होने की भी अपील की।


