spot_img

Palanpur : पालनपुर ब्रिज दुर्घटना में कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का सरकार का आदेश

सहायक एवं उप कार्यपालक इंजीनियर निलंबित हुए, बेरिकेट एवं ट्रैफिक प्रबंधन में लापरवाही ने ली दो जिंदगी

पालनपुर : बनासकांठा जिले के पालनपुर ब्रिज दुर्घटना मामले में राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। पालनपुर आरटीओ सर्किल के पास निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का गर्डर गिरने की घटना को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल तीन सदस्यों की कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जीपीसी इंफ्रास्ट्रक्चर को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय किया गया है। इसके अलावा सहायक और उप कार्यपालक इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। सोमवार को आरटीओ के समीप ब्रिज का गर्डर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद ब्रिज का गर्डर गिरने की घटना की जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय कमेटी ने काम करना शुरू कर दिया था। कमेटी सदस्यों ने घटना के दिन ही स्थल पर जाकर जांच शुरू कर दी थी। मार्ग और मकान विभाग के क्वालिटी कंट्रोल के मुख्य इंजीनियर और अतिरिक्त सचिव ने भी स्थल मुआयना किया था। कंक्रीट सैम्पल, स्टील सैम्पल, डिजाइन और नक्शा आदि की बारीक जांच की गई। स्थल पर गिरे गर्डर और समग्र विस्तार का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई गई। इन सभी की जांच रिपोर्ट में कई तरह की खामियों का पता चला है। इसके प्राथमिक रिपोर्ट में यह भी पता चला कि निर्माण क्षेत्र में बेरिकेट और ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर ढंग से किया गया होता तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

23 अक्टूबर को पालनपुर आरटीओ सर्किल के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज का स्लैब धमाके की आवाज के साथ टूटकर गिर गया था। इसके मलबे में दबकर मयूर और अजय नामक दो युवकों की मौत हो गई थी। प्राथमिक जांच में पता चला कि निर्माणाधीन ब्रिज के आसपास बेरिकेट नहीं किया गया था। मामले में ओवरब्रिज का काम कर रही जीपीसी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सात निदेशकों और इंजीनियर मिलाकर कुल 11 लोगों के खिलाफ नेशनल हाइवे उप विभाग के उप कार्यपालक इंजीनियर ने आईपीसी की धारा 304 समेत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। तीन साइट इंजीनियर सनी मेवाडा, अल्पेश परमार और नमन मेवाडा को गिरफ्तार करने के बाद सात दिन के रिमांड की मांग के साथ कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चार दिन का रिमांड मंजूर किया।

Explore our articles