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Gandhinagar : एक करोड़ से अधिक नागरिक हर महीने इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन देखते हैं राजस्व रिकॉर्ड

गांधीनगर : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को गांधीनगर में गुजरात राज्य ई-धरा सोसायटी की राज्य स्तरीय गवर्निंग बॉडी की दूसरी बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में उन्नत टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग से जिला स्तर पर राजस्व सेवाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा ई-धरा रिकॉर्ड को अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु मार्गदर्शन देते हुए विचार-विमर्श किया। इस बैठक में जानकारी दी गई कि एक करोड़ से अधिक नागरिक हर महीने इंटरनेट के माध्यम से राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन देखने का लाभ उठाते हैं।

राजस्व विभाग के अंतर्गत ई-धरा सोसायटी का गठन मुख्य रूप से राज्य स्तर पर एक स्वायत्त और स्वतंत्र संस्था के रूप में कार्य करने और केंद्र और राज्य सरकारों के राजस्व संबंधी कार्यों को करने के लिए किया गया है। यह राज्य स्तरीय सोसायटी जिला स्तरीय ई-धरा सोसायटी को सुदृढ़ करने और भविष्य में सरकार या अन्य संगठनों द्वारा इस सोसायटी को सौंपी गई ई-गवर्नेंस संबंधी परियोजनाओं को लागू करने के लिए भी कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री इस सोसायटी के अध्यक्ष और मुख्य सचिव हैं और 4 अपर मुख्य सचिव, तीन सचिव इसके सदस्य और राजस्व निरीक्षण आयुक्त सोसायटी के सदस्य सचिव हैं। ई-धरा सोसायटी की गवर्निंग बॉडी की इस दूसरी बैठक में वर्ष 2004 से राज्य में प्रारंभ की गई ई-धरा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राजस्व विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनोन्मुखी गतिविधियों पर चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया।

इस बैठक में जानकारी दी गई कि ई-धरा के माध्यम से राज्य में किसानों को सीधे संपर्क करने वाली सेवाएं ग्राम फॉर्म 7/12, 8-ए और हक पत्रक (म्यूटेशन रजिस्टर) की डिजिटल हस्ताक्षरित और क्यूआर कोड सहित लगभग 62 लाख से अधिक अधिकृत प्रतियां प्रत्येक माह जारी की जाती हैं। इसके अलावा, खातेदारों द्वारा ई-धरा केंद्र का सीधे संपर्क कर अपने अधिकारों से संबंधित बदलाव कराने के संबंध में मूल रिकॉर्ड में की जाने वाली प्रविष्टि यानी दाखिल-खारिज (म्यूटेशन एंट्री) की संख्या हर महीने डेढ़ लाख से अधिक है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा ऑटो म्यूटेशन की संख्या भी प्रति माह 50 हजार से अधिक रहती है। बैठक में राज्य में इंटीग्रेटेड ऑनलाइन रेवेन्यू एप्लिकेशन आई-ओरा के माध्यम से गैर-कृषि सहित विभिन्न 36 फेसलेस ऑनलाइन सेवाएं राज्य के नागरिकों को उपलब्ध कराने के संदर्भ में भी चर्चा की गई। इस बैठक में मुख्य सचिव राज कुमार, राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव एम.के. दास, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव कमल दयानी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ सचिव सहभागी हुए।

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