देहरादून: (Dehradun) कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सरकार के प्रयास नाकाफी है। शनिवार को उन्होंने दून चिकित्सालय और जिला अस्पताल कोरोनेशन का भ्रमण किया।
दसौनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार के प्रयास पूरी तरह नाकाफी है, जिसमें जनता पिस रही है। उन्होंने बताया की दून अस्पताल और कोरोनेशन की व्यवस्थाएं ठीक नहीं है। दोनों ही अस्पताल अस्पताल कम सब्जी मंडी ज्यादा बन चुके हैं। दून अस्पताल के प्रवेश द्वार से ही डेढ़ सौ से 200 मरीजों की लंबी कतार अपना ब्लड सैंपल देने के लिए लगी हुई थी क्योंकि सैंपल लेने के लिए सिर्फ एक काउंटर था। कतार में लगे लोग पहले से ही बुखार से पीड़ित थे।
उन्होंने कहा कि दोनों ही अस्पतालों की क्षमता से बाहर मरीज वहां भर्ती हैं। एक-एक बेड पर दो-दो मरीज देखे गए ऐसे में जो लोग सैंपल लेकर खड़े थे वह पॉजिटिव आने पर कहां भर्ती होंगे उसका कोई इंतजाम नहीं। दून चिकित्सालय का आईसीयू गरीब मरीजों से 1700 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से फीस ले रहा है जबकि आईसीयू के एसी पंखे सब खराब पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सचिव ने हाल ही में अपने बयान में कहा कि जुलाई से लेकर नवंबर तक डेंगू का प्रकोप रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य सचिव बताएं की कंट्रोल रूम बनाने में 2 महीने की देर क्यों की गई।उन्होंने डीजी स्वास्थ्य ,प्रिंसिपल दून चिकित्सालय, सीएमएस दून चिकित्सालय, स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य मंत्री आदि का आह्वान करते हुए कहा कि मोटी तनख्वाह लेने के बाद भी इन सब रसूखदार लोगों का रवैया स्वास्थ्य व्यवस्था की तरफ उदासीन बना हुआ है।
उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी आग्रह किया कि वह व्यक्तिगत रूप से महामारी का रूप ले चुकी इस बीमारी के रोकथाम और सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए ठोस और कारगर कदम उठाएंगे।


