उज्जैन:(Ujjain) लंबे समय से विभिन्न संस्थाओं द्वारा शहर में खुले रूप से संचालित हो रही मांस और चिकन की दुकानों को हटाने की मांग की जा रही थी। बुधवार सुबह नगर निगम ने इसकी शुरुआत शहर के नागझिरी और देवास गेट क्षेत्र से कर दी है। गैंग ने इन क्षेत्रों में जाकर दुकानों का सामान जब्त किया। यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले महापौर मुकेश टटवाल ने निर्देश दिए थे कि शहर के मध्य और प्रवेश मार्गों से पशु वधगृह और मांस, मटन, चिकन की दुकानें हटाई जाएं। महापौर ने मंगलवार को फिर अधिकारियों से शहर के मध्य स्थित पशुवध गृहों और महाकाल पहुंच मार्ग सहित शहर के विभिन्न मार्गों पर संचालित इस तरह की दुकानों को शहर के बाहर स्थानान्तरित करने का कहा था।
इसके बाद नगर निगम की अतिक्रमण हटाने वाली गैंग बुधवार सुबह नागझिरी तथा देवास गेट क्षेत्र में पहुंची और सड़क पर खुले रूप से बेचे जा रहे मांस और चिकन की दुकानों का अतिक्रमण हटाया। इस दौरान उपायुक्त संजेश गुप्ता की मौजूदगी में गैंग प्रभारी गोपाल बोयत एवं दल द्वारा की गई कार्रवाई में 15 मुर्गे, 2 मटन की दुकानें हटाते हुए 15 गुमटियां और व्यवसाय सामग्री जब्त की गई तथा अतिक्रमण किये गए ओटले और अन्य निर्माण तोड़ा गया।
अब रूकना नहीं चाहिए कार्रवाई
महापौर ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो कार्रवाई आरंभ की गई है वह अब रूकना नहीं चाहिए ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं तथा नागरिकों की भावनाओं और धार्मिक संगठनों की मांग का आदर हो सके। उन्होंने साफ कहा कि शहर के महत्वपूर्ण मार्गों को मांस, चिकन इत्यादि के प्रदर्शन, पशुवध और विक्रय से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो व्यवसायी निगम की मुहिम में बाधक बनेंगे निगम द्वारा उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शहर के बाहर होंगे पशुवध गृह और दुकानें
टटवाल ने कहा कि शहर के बाहर आधुनिक और व्यवस्थित मार्केट निर्मित कराए जाएंगे और गुदरी मटन मार्केट व के.डी. गेट मटन मार्केट को वहां स्थानान्तरित किया जाएगा। इसी प्रकार शहर के प्रवेश मार्गो, महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग, मां क्षिप्रा पहुंच मार्ग सहित शहर के अन्य मार्गो, मोहल्लों में संचालित पशुवध गृहों और मांस, मटन, चिकन की दुकानों को शहर के बाहर स्थानान्तरित किया जाएगा।


