जून के महीने में 47,148 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश
नई दिल्ली : भारतीय शेयर बाजार जैसे-जैसे नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे विदेशी निवेशकों का भी घरेलू शेयर बाजार की ओर रुझान बढ़ता जा रहा है। जून के महीने में घरेलू शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने कुल 47,148 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो पिछले 10 महीनों के दौरान निवेश का सर्वोच्च स्तर है।
जानकारों का कहना है कि देश में मैक्रो इकोनॉमिक फंडामेंटल्स में लगातार सुधार हो रहा है, जिसकी वजह से निवेशकों का उत्साह लगातार बढ़ा है। खासकर ग्लोबल मार्केट में पिछले कुछ समय से जिस तरह से निराशा का माहौल बना है, उसकी वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की नजर भारतीय बाजार पर टिक गई है। हालांकि बाजार के विशेषज्ञों को इस बात की भी आशंका है कि जुलाई के महीने में विदेशी निवेशकों की ओर से किए जाने वाले निवेश में कुछ कमी भी आ सकती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा हाल के दिनों में की गई टिप्पणियों को इसकी एक बड़ी वजह माना जा रहा है।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की टिप्पणियों के साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारत में शॉर्ट टर्म नजरिए से किए गए मूल्यांकन को लेकर भी सतर्क रुख अपना सकते हैं, जिसकी वजह से जुलाई के महीने में उनके निवेश में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
इसी तरह काबड़िया फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ अनिल चौथाले का कहना है कि देश के मैक्रो इकोनॉमिक कंडीशन में हुए सुधार के साथ ही ग्लोबल मार्केट के निराशाजनक माहौल ने भी विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार की ओर रुझान बढ़ाया है। इसके अलावा मॉनसून की चाल की वजह से भी देसी और विदेशी निवेशक उत्साह का प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि मॉनसून की तीव्रता की वजह से देश के कई हिस्सों में फिलहाल बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि मॉनसून की गतिविधियों की वजह से इस साल देशभर में आमतौर पर कृषि गतिविधियां ऊंचे स्तर पर पहुंच सकेंगी, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा।
जहां तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के भारतीय शेयर बाजार में किए गए निवेश की बात है, तो जून के महीने में किए गए 47,148 करोड़ रुपये के निवेश के पहले मई में भी विदेशी निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए थे। मई के महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 43,838 करोड़ रुपये का निवेश किया था। वहीं अप्रैल में विदेशी निवेशकों का शुद्ध निवेश 11,631 करोड़ रुपये था, जबकि मार्च के महीने में विदेशी निवेशकों के निवेश का आंकड़ा 7,936 करोड़ रुपये का था। अगर इससे पहले की भी बात करें तो 2023 के जनवरी और फरवरी में विदेशी निवेशक खरीदारी करने की जगह अपना पैसे निकालने में लगे हुए थे। जनवरी और फरवरी के दौरान विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार से करीब 33,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी।
जून के महीने में विदेशी निवेशकों के पसंदीदा सेक्टर की बात की जाए तो पूरे महीने के कारोबार के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन, फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स सेक्टर में जमकर निवेश किया। शेयर मार्केट में निवेश करने के अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने जून के महीने के दौरान डेट मार्केट में भी करीब 9,200 करोड़ रुपये का निवेश किया। जून के आंकड़ों को मिलाकर देखा जाए तो साल 2023 के पहले 6 महीने में विदेशी निवेशक अभी तक इक्विटी मार्केट में करीब 76,406 करोड़ रुपये और डेट मार्केट में 16,722 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं।


