आईआईटी कानपुर के अभिनव प्रयासों को दर्शकों तक पहुंचाएगा हिन्दी प्रकाशन प्रभाग
कानपुर : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर शोध के जरिये बराबर नवीनतम तकनीकों को इजाद कर रहा है। यह सभी शोध अंग्रेजी भाषा में होते हैं। इसके साथ ही देश व विदेश के अन्य संस्थानों के भी शोध अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध होते हैं। इससे गैर अंग्रेजी भाषाईयों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए आईआईटी ने स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) के जरिये हिन्दी प्रकाशन प्रभाग की स्थापना की है जो आईआईटी के अभिनव प्रयासों को दर्शकों तक पहुंचाएगा। यह बातें रविवार को आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने कही।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) ने अपना हिन्दी प्रकाशन प्रभाग लॉन्च किया है, जो नवाचार में अभूतपूर्व कार्य साझा करने के लिए समर्पित है। हिन्दी प्रभाग का लक्ष्य एसआईआईसी आईआईटी कानपुर के अभिनव प्रयासों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना है। हिन्दी प्रकाशन प्रभाग के निर्माण का प्राथमिक उद्देश्य स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और नवाचार से संबंधित तकनीकी जानकारी तक पहुंचने में भाषा की बाधा को कम करना है। इसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मंच प्रदान करना है जो गैर-अंग्रेजी भाषियों को तकनीकी ज्ञान तक आसानी से पहुंचने और समझने में सक्षम बनाएगा।
इसके अतिरिक्त, यह तकनीकी नवाचार प्रयासों के विकास को बढ़ावा देने और तकनीकी ज्ञान के व्यापक प्रसार को सुविधाजनक बनाने का प्रयास करता है, जिससे भाषा के अंतर को काफी हद तक कम किया जा सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के साथ तालमेल बिठाकर, इस पहल का उद्देश्य तकनीकी ज्ञान को हिंदी में प्रदान करके इसे और अधिक सुलभ बनाना है।
निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि, इस दृष्टिकोण के अनुरूप, एसआईआईसी आईआईटी कानपुर में हिन्दी प्रकाशन प्रभाग हिन्दी में तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्य पूरे भारत में व्यक्तियों से जुड़ना और उन्हें उद्यमशीलता की गतिविधियों के लिए प्रेरित करना है, जिससे एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा। भाषा की बाधाओं को दूर करके, सहयोग को प्रोत्साहित करके और हर किसी के भीतर उद्यमशीलता की भावना को प्रज्वलित करके एसआईआईसी आईआईटी कानपुर के हिंदी प्रकाशन प्रभाग का लक्ष्य देश की वृद्धि और प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देना है।


