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Bhopal: एनईपी को संस्कृत शिक्षा में लागू करने के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज से

भोपाल:(Bhopal) राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) को संस्कृत शिक्षा में लागू करने के लिए दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और संस्कृत शिक्षक संघ दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह दो दिनी कार्यशाला आज (शनिवार) से आरंभ होकर रविवार शाम समाप्त होगी। मध्य प्रदेश के भोपाल के बागसेवनिया में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में यह राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन आयोजित हो रहा है ।

इस संबंध में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रो. रमाकांत पाण्डेय ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के लिए गहन संस्कृत शिक्षा पर चर्चा की जाएगी। जो निष्कर्ष प्राप्त होंगे वे केन्द्र सरकार को भेजे जाएंगे । उन्होंने बताया कि भारत वर्ष से 200 से अधिक विद्वान इस राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। पहले दिन स्कूल शिक्षा में एनईपी की आवश्यकता पर चर्चा होगी । वहीं दूसरे दिन उच्च शिक्षा में एनईपी की जरूरत एवं उससे प्राप्त होनेवाले निष्कर्षों पर गहन विचार विमर्श किया जाएगा।

प्रो. पाण्डेय का कहना है कि स्वाधीनता के बाद यह पहली बार है कि भारतीय विद्या परंपरा तथा भारतीय भाषाओं के माध्यम से शिक्षा का उपक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में किया गया है । यह प्रयास न केवल भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के अध्ययनों के लिए उपयोगी है, अपितु प्रौद्योगिकी, चिकित्सा तथा अन्य मानविकी विषयों के लिए भी परम उपयोगी है। भारत गांवों का देश है। ग्रामीण अंचल से आनेवाले छात्र अपनी मातृभाषा के माध्यम से इस शिक्षा नीति के अनुसार किसी भी विषय में अध्ययन कर सकते हैं। निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा किया जाना एक क्रांतिकारी शुरूआत है।

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