राघव चढ्ढा की सगाई में जाना बड़ा मुद्दा नहीं
चाहें तो अकाली नेता वल्टोहा को बना दें जत्थेदार
चंडीगढ़: (Chandigarh)अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बुधवार को पद छोड़ते ही अकाली दल व एसजीपीसी को घेरते हुए कहा कि उन्होंने जत्थेदार का पद खुद ही छोड़ा है। वह ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले दोनों तख्तों का पदभार छोड़ने की बात कह कर गए थे।
बुधवार को अकाल तख्त के निवनियुक्त जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह को कार्यभार सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि चाहें तो उनसे दमदमा साहिब का कार्यभार भी वापस ले लें।वह दमदमा साहिब का तख्त छोड़ने के लिए भी तैयार थे और दोनों तख्तों पर योग्य गुरसिख को बैठाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि वे अब भी तख्त श्री दमदमा साहिब का पदभार छोड़ने को तैयार हैं।ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया कि राघव चड्ढा की इंगेजमेंट में जाने से कोई दूरियां नहीं बढ़ी हैं। राघव चड्ढा व परिणीति चोपड़ा की सगाई में जाना कोई बड़ी बात नहीं थी।
अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा द्वारा जत्थेदार के बारे में की गई टिप्पणी से आहत ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें वल्टोहा के बयान की जानकारी मिली थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा था कि श्री अकाल तख्त साहिब का जत्थेदार बनने के लिए कथावाचक, ग्रंथी या विद्वान होना जरूरी नहीं है। जत्थेदार को सिर्फ दिलेर होना चाहिए। उन्होंने एसजीपीसी से मांग की कि विरसा सिंह वल्टोहा को ही श्री अकाल तख्त साहिब का जत्थेदार बना दें। वह बहुत दिलेर व्यक्ति हैं।


