मेरठ : विश्व रक्तदान दिवस पर बुधवार को मेरठ में कई स्थानों पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि एक यूनिट रक्तदान से तीन जिंदगी बचाई जा सकती है। इसलिए लोगों को अधिक से अधिक रक्तदान करना चाहिए।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय मेरठ में श्री कृष्णा चैरिटेबल ब्लड सेन्टर के सहयोग से रक्तदान शिविर का कैम्प आयोजित किया गया, जिसमें जनपद मेरठ के भूतपूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों ने रक्तदान किया। इनमें एक दिव्यांग ने भी रक्तदान किया। कचहरी के अधिवक्ता, पुलिसकर्मियों आदि ने भी रक्तदान किया। यहां पर पहली बार रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कैप्टन राकेश शुक्ला का सहयोग रहा।
आईआईएमटी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में एसएम ब्लड बैंक गढ़ रोड के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारम्भ मुख्य अतिथि आईआईएमटी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. दीपा शर्मा, प्राचार्य डॉ. सुजीत कुमार, डीएसडब्ल्यू डॉ. नीरज शर्मा, डॉ. एसके तंवर ने किया। कुलपति डॉ. दीपा शर्मा ने कहा कि रक्तदान एक पुण्य कार्य है। एक यूनिट रक्त से तीन जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
डॉ. सुजीत कुमार ने कहा कि खून की कमी की वजह से भारत में प्रतिदिन 1200 लोगों की जान चली जाती है। अतः जीवन में हर स्वस्थ व्यक्ति को एक बार रक्त अवश्य दान करना चाहिए। शिविर प्रभारी डॉ. शॉन कुमार ने बताया कि रक्तदाता निरन्तर बढ़ रहे हैं लेकिन फिर भी खून का संकट बना हुआ है। इसलिए हमें रक्तदान अवश्य ही करना चाहिए। शिविर में कुल 35 रक्तदाताओं ने अपना रक्तदान किया।
इस अवसर पर प्रेरणा, आशीष प्रथम, आशीष द्वितीय, वर्तिका, वैभव, अरूण, दिव्या, शादाब, अंकित, दक्ष, श्रुति, मयंक, अनिकेत, संजय यादव, सौरभ फौगाट आदि उपस्थित रहे।


