रायपुर : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रदेश में राशन दुकानों के मार्फत आवंटित होने वाले सरकारी चावल की लगातार चल रही कालाबाजारी पर फिर सवाल उठाया है। मूणत ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा आबंटित मुफ्त अनाज में हजारों क्विंटल अनाज का घोटाला करके हजारों करोड़ रुपये की काली कमाई हजम कर जाने वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दलाल अब सरकारी चावल के लिए ऑफर तक देने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पांच हजार करोड़ के अधिक का घोटाला कर, गरीबों का निवाला छीन कर भी कांग्रेस सरकार के लोगों को संतोष नहीं हो रहा है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री मूणत ने बुधवार को अपने बयान में कहा कि सरकारी चावल की कालाबाजारी में संलिप्त दलाल अब 35 किलो चावल देने पर 600 रुपये नकद और 6 कप का ऑफर देकर खुलेआम घपलों को अंजाम दे रहे हैं ।गरीबों के हक का अनाज डकार रहे हैं।
मूणत ने कहा कि इस गोरखधंधे में दलालों के साथ राइस मिलर्स भी संलिप्त हैं। कार्डधारियों से 14 से 16 रुपये प्रतिकिलो की दर से चावल खरीदकर राइस मिलों को पहुंचाया जा रहा है। मूणत ने कहा कि सरकारी चावल की तस्करी में अब महिलाओं की भी संलिप्तता हैरान करने वाली है, जो पुरुष दलालों के साथ मिलकर स्कूटी दुपहिया से चावल की तस्करी कर रही हैं। पीडीएस से फ्री में मिलने वाला चावल 20 रुपये किलो की दर से खरीदकर 35 रुपये की दर से राइस मिलर्स को बेच रहे हैं। राइस मिलर्स मिलिंग करके वही चावल 60 रुपये की दर से बेच रहे हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री मूणत ने कहा कि केन्द्र सरकार और पीडीएस के अनाज की कालाबाजारी में जो लोग लगे हैं, वे बेखौफ हैं तो इसका सीधा मतलब यही है कि ऐसे तत्वों को संरक्षण देकर प्रदेश सरकार इसमें भी अपने लिए कमीशन की गुंजाइश तलाश रही है। मूणत ने कहा कि जिस पीडीएस को भाजपा की पूर्ववर्ती प्रदेश सरकार ने ऊँचाइयों तक ले जाकर पारदर्शी बनाने का काम किया था और जिसके कारण छत्तीसगढ़ के पीडीएस की देशभर में मिसाल दी जाती थी, कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने उस पूरे सिस्टम को भ्रष्ट और कलंकित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। रेत, जमीन, कोयला, शराब घोटालों आदि के बाद अब प्रदेश सरकार सरकारी अनाज का घोटाला करके गरीबों का निवाला छीनने पर आमादा है जो बेहद शर्मनाक व दुर्भाग्यपूर्ण है।


