जींद : अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्तमान में समिति के संरक्षक यशपाल मलिक ने कहा कि वह आंदोलन से कभी पीछे नहीं हटे। अब समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप दहिया हैं, वह जो भी आंदोलन की रुपरेखा बनाएंगे, उसके अनुसार आंदोलन किया जाएगा। जब भी संसद के मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान होगा, उसके बाद दिल्ली में समिति का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा। इसमें जाट आरक्षण आंदोलन की तारीखों की घोषणा की जाएगी। यशपाल मलिक बुधवार को समिति पदाधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश में 2006 से जाट आरक्षण आंदोलन चल रहा है। 2016 में कुछ लोगों ने इसे हिंसक रुप दे दिया था। इसके बाद उन्होंने इस आंदोलन की कमान संभाली थी। 58 दिन चले धरनों के बाद सरकार ने जाटों को आरक्षण देने, मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने तथा आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा की थी। इसमें सरकार ने आरक्षण दे दिया था लेकिन उसके बाद इस पर अदालत का स्थगन आदेश जारी हो गया। अब एक बार फिर से सरकार पर दबाव बनाकर तथा उसे समझा कर आरक्षण की मांग उठाई जाएगी। वहीं समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि देश भर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ यात्रा निकाली जाएगी। साथ ही महिला पहलवानों व किसानों के आंदोलन की जो भी रुपरेखा बनेगी, उसमें उसी अनुरुप भाग लिया जाएगा।


