ग्रामीण बालिकाओं की सशक्तिकरण कार्यशाला का समापन
रायबरेली : नन्हीं पहचान,छूना है आसमान’ का सशक्त भाव लेकर बालिकाओं की सशक्तिकरण कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया। एनटीपीसी ऊंचाहार द्वारा आयोजित इस अनूठे आयोजन में ग्रामीण बालिकाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी की।
कार्यशाला में बालिकाओं ने प्रशिक्षण के बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में अपनी कलात्मक क्षमता तथा कौशल का प्रदर्शन किया। बालिकाओं ने विभिन्न विषयों को लेकर प्रदर्शित नृत्य-नाटिका का मंचन, योग पर आधारित शक्ति प्रदर्शन तथा अन्य समसामयिक विषयों पर आयोजित गीत व नृत्य के कार्यक्रमों ने लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
इन बालिकाओं ने प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए आत्मरक्षा के गुर, जीवन जीने की कला, परस्पर संवाद, भाषण कला, नृत्य कला तथा पढ़ाई-लिखाई एवं कौशल विकास के अन्य उपक्रम का जीवंत प्रदर्शन किया।
ग्रामीण बालिकाओं का सर्वांगीण विकास एनटीपीसी का दायित्व
ऊंचाहार परियोजना के कार्यकारी निदेशक अभय कुमार समैयार ने कहा कि आसपास की प्रतिभाशाली ग्रामीण बालिकाओं के संपूर्ण विकास का संकल्प अब एनटीपीसी के लिए केवल सामाजिक दायित्व का ही कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ये हमारे लिए भावनात्मक लगाव का विषय बन चुका है। श्री समैयार ने कहा कि ये बालिकाएं जीवन में आगे बढ़ेंगी तो इनके अभिभावकों के साथ-साथ एनटीपीसी का नाम भी रौशन होगा।
प्रियदर्शिनी लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा मनीषा समैयार ने बालिकाओं के सफल प्रशिक्षण पर संतोष ज़ाहिर किया व उनको शुभकामनाएं दी। सीएसआर की प्रबंधक स्नेहा त्रिपाठी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
सभी बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिए गए। ढोल-नगाड़ों के साथ परियोजना प्रमुख अभय कुमार समैयार तथा मनीषा समैयार ने बच्चियों रंग-गुलाल लगाकर उन्हें उनके अभिभावकों को सौंपा। इस अवसर पर बालिकाओं के अभिभावकों ने भी एनटीपीसी के प्रति आभार व्यक्त किया।


