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Betul : स्वस्थ विभाग ने कबाड़ बनाने खड़ी कर दी दर्जन भर एम्बुलेंस

बैतूल : किसी भी बड़ी खरीदी और निर्माण कार्य के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में लगभग दर्जन भर एंबुलेंस कबाड़ बनाने के उद्देश्य से खड़ी कर दी है। मप्र शासन के शासकीय नंबर वाली यह सभी एंबुलेंस ६ से 7 साल पुरानी लग रही है। दिसंबर 2022 तक जिले में दौड़कर मरीजों को लाने वाली यह सभी एंबुलेंस एक जनवरी से एंबुलेंस का टेंडर बदलने के बाद से एक ही स्थान पर खड़ी है। इनमें से एक एंबुलेंस तो एक इलेक्ट्रिकल्स मैकेनिक की दुकान में पिछले पांच माह से खड़ी है वहीं 8 एंबुलेंस जिला अस्पताल परिसर तथा एक-एक एंबुलेंस मुलताई, सेहरा और घोड़ाडोंगरी सीएचसी परिसर में खड़ी है। यदि शासन इन एंबुलेंस को अनुपयोगी मान रहा है तो फिर इन्हें कबाड़ होने के पूर्व वर्तमान कंडीशन में नीलाम कर देना चाहिए। नहीं तो लाखों रूपये मूल्य की ये सभी एंबुलेंस कबाड़ के भाव बेचने की नौबत आएगी।

लाखों रूपए मूल्य की है एंबुलेंस

प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2017 में प्रदेश में संजीवनी 108 एंबुलेंस सेवा शुरू की थी। इसके लिए सरकार द्वारा बेसिक लाइफ सपोर्ट और एडवांस लाइफ सपोर्ट की एंबुलेंस की खरीदी की थी। वर्ष 2016 में खरीदी गई इन एंबुलेंस का संचालन चिकित्सा कंपनी द्वारा किया जा रहा था। उस समय बैतूल जिले में भी नई एंबुलेंस आई थी जिसमें एक एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) और 12 एबुंलेंस बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) वाली आई थी। उस 109 के साथ गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए जननी एंबुलेंस संचालित होती थी।

एक जनवरी 2023 से बदला टेंडर

प्रदेश सरकार द्वारा एक जनवरी 2023 से प्रदेश में संजीवनी 108 एंबुलेंस का टेंडर रायपुर छत्तीसगढ़ की कंपनी जय अंबे एंबुलेंस सर्विस को दे दिया है। जय अंबे एंबुलेंस सर्विस रायपुर द्वारा प्रदेश भर में अपनी नई एंबुलेंस चलाई जा रही है। जिसमें बैतूल जिले में भी वर्तमान में 47 संजीवनी 108 एंबुलेंस चलाई जा रही है। एक जनवरी से नई एंबुलेंस आने के बाद चिकित्सा द्वारा स्वयं की एंबुलेंस तो वापस ले गई वहीं मप्र शासन की 12 एंबुलेंस को जिले में ही छोड़ दिया है।

साढ़े पांच माह से एक ही स्थान पर खड़ी है सभी एंबुलेंस

प्रदेश शासन द्वारा लगभग 7 साल पहले वर्ष 2016 में खरीदी गई इन एंबुलेंस को जिला मुख्यालय में ही छोड़ दिया। तब से बेसिक लाइफ सपोर्ट वाली आठ एंबुलेंस जिला अस्पताल परिसर में खड़ी है वहीं सीएचसी सेहरा, सीएचसी मुलताई और सीएचसी घोड़ाडोंगरी में भी एक-एक एंबुलेंस खड़ी है। इसके अतिरिक्त एडवांसस लाइफ सपोर्ट वाली एक एंबुलेंस करबला घाट के आगे एक इलेक्ट्रिकल मैकनिक की दुकान पर खड़ी है। यह सभी एंबुलेंस जनवरी माह में एक ही स्थान पर खड़ी है।

लाखों रूपए में नीलाम हो सकती है एंबुलेंस

दिसंबर 2022 तक सभी एंबुलेंस संचालित हो रही थी। लगभग 6 से 7 साल पुरानी इन एंबुलेंस को यदि स्वास्थ्य महकमा उसी समय नीलाम कर देता तो एक-एक एंबुलेंस 5 लाख रूपए से अधिक में नीलाम हो जाती लेकिन स्वास्थ्य महकमा इन्हें नीलाम करने के बदले एक स्थान पर खड़ा रखकर खराब कर रहा है। जिससे सभी एंबुलेंस कबाड़ होने की कगार पर आ गई है।

जिम्मेदार बोले-

जिले में कितनी शासकीय एंबुलेंस है उनका क्या स्टेटस है इसकी जानकारी कल दोपहर में संबंधित क्लर्क से लेकर आपको दे पाउंगा।

सुरेश बौद्ध

सीएमएचओ, बैतूल

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